हरिपुरधार| संजीव, हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के दुर्गम क्षेत्र संगड़ाह की बेटी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो पारिवारिक जिम्मेदारियां और अभाव कभी भी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बन सकते। उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह के साथ लगते गांव टीकरी की सीमा देवी ने अपनी कड़ी मेहनत से UGC-NET की परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर एक नई मिसाल पेश की है।
बचपन में उठा पिता का साया, मां ने नहीं टूटने दिया हौसला
सीमा की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि उनका शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही उनके पिता का देहांत हो गया था, लेकिन उनकी माता ने मेहनत-मजदूरी कर सीमा की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया। सीमा बचपन से ही मेधावी थीं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ग में पढ़ाई के दौरान उन्होंने +2 की टॉपर लिस्ट में जगह बनाई थी, जिसके लिए उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से लैपटॉप भी प्रदान किया गया था।
शादी और बच्चों की परवरिश के साथ जारी रखी ‘तपस्या’
वर्ष 2018 में सीमा का विवाह हुआ, लेकिन विवाह के बाद भी उनकी शिक्षा के प्रति ललक कम नहीं हुई। उन्होंने वर्ष 2019 में डिग्री कॉलेज संगड़ाह से ग्रेजुएशन पूरी की। इसके बाद उन्होंने जेबीटी (JBT) और बीएड (B.Ed) जैसी प्रोफेशनल डिग्रियां हासिल कीं। सीमा ने हिंदी विषय में स्नातकोत्तर (MA Hindi) की उपाधि प्राप्त की और लगातार नेट परीक्षा की तैयारी में जुटी रहीं।
दो छोटे बच्चों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए सीमा ने पढ़ाई के लिए समय निकाला। इस सफर में उनके पति रामानंद, जो पेशे से एक किसान हैं, ने उनका पूरा सहयोग किया।
गांव और परिवार में खुशी की लहर
यूजीसी नेट का परिणाम घोषित होते ही जैसे ही सीमा के पास होने की खबर मिली, टीकरी गांव और उनके परिचितों में खुशी का माहौल बन गया। लोग उनके घर पहुंचकर उन्हें बधाई दे रहे हैं। सीमा की सफलता उन तमाम महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो शादी और बच्चों के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ देती हैं।
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