CM Sukhvinder Singh Sukhu at National Handball Championship Bilaspur

हिमाचल के स्कूलों में 1 मार्च से मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध, पकड़े जाने पर लगेगा 500 रुपये जुर्माना

Himachal

बिलासपुर | न्यूज़ डेस्क हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक युगांतकारी परिवर्तन की नींव रखी है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि 1 मार्च, 2026 से राज्य के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम छात्रों के गिरते एकाग्रता स्तर को सुधारने और उन्हें डिजिटल लत से बचाकर मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए उठाया गया है।

यह ऐतिहासिक घोषणा मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले के घुमारवीं में आयोजित 69वीं अंडर-19 राष्ट्रीय छात्रा हैंडबॉल स्कूल प्रतियोगिता के भव्य समापन समारोह के दौरान की।

सख्त नियम और दंडात्मक कार्रवाई: मोबाइल मिला तो लगेगा जुर्माना

मुख्यमंत्री ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल परिसर के भीतर मोबाइल फोन लाना अब अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाएगा। उन्होंने नए नियमों का खाका खींचते हुए बताया कि यदि स्कूल समय के दौरान किसी विद्यार्थी के पास मोबाइल पाया जाता है, तो उस पर 500 रुपये का नकद जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर फोन को स्कूल प्रशासन द्वारा तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। पकड़े गए विद्यार्थी के माता-पिता को अनिवार्य रूप से स्कूल बुलाया जाएगा और उनकी काउंसलिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि वे इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जल्द ही एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करें, जिसमें बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान हो।

    मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “अक्सर यह देखा गया है कि लंच ब्रेक या खाली पीरियड के दौरान बच्चे रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के बजाय मोबाइल गेमिंग और सोशल मीडिया में डूबे रहते हैं। इससे उनका शारीरिक विकास और मानसिक एकाग्रता प्रभावित हो रही है।”

    शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर: “सिर्फ स्कूल खोलना लक्ष्य नहीं”

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिक्षा नीति पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल नए संस्थानों के फीते काटने में विश्वास नहीं रखती, बल्कि मौजूदा संस्थानों में गुणात्मक शिक्षा (Quality Education) सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वे स्वयं एक सरकारी स्कूल की उपज हैं, इसलिए वे बुनियादी स्तर पर आने वाली चुनौतियों को समझते हैं। सरकार अब शिक्षकों के प्रशिक्षण और बच्चों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    खेलों में हिमाचल की स्वर्णिम जीत: राजस्थान को हराया, झटके 20 लाख

    69वीं अंडर-19 नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में मेजबान हिमाचल प्रदेश की बेटियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। फाइनल में हिमाचल ने राजस्थान की टीम को एकतरफा मुकाबले में पराजित कर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।

    • मुख्यमंत्री ने विजेता हिमाचल टीम के लिए 20 लाख रुपये की भारी-भरकम पुरस्कार राशि की घोषणा की।
    • उप-विजेता राजस्थान और तीसरे स्थान पर रही हरियाणा की टीमों को भी सम्मानित किया गया।
    • इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देश भर की 30 टीमों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
    खिलाड़ियों के लिए ‘एयर एम्बुलेंस’ और डाइट मनी में वृद्धि

    खेलों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में चमकने वाली हिमाचल की बेटियों को सरकार जल्द ही सरकारी रोजगार प्रदान करेगी। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का स्तर बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अब राज्य के भीतर खेलने वाले खिलाड़ियों को 400 रुपये और राज्य के बाहर 500 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी मिलेगी। यदि किसी प्रतियोगिता का स्थल राज्य की सीमा से 200 किलोमीटर से अधिक दूर है, तो खिलाड़ियों को बस या ट्रेन के बजाय हवाई यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

    घुमारवीं और बिलासपुर को विकास की सौगातें

    तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए सीएम ने क्षेत्र के विकास के लिए कई परियोजनाओं का रोडमैप रखा। उन्होंने कहा कि घुमारवीं में निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा। स्कूल भवन का निर्माण कार्य आगामी एक वर्ष के भीतर संपन्न होगा।

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, तिलक राज शर्मा, उपायुक्त राहुल कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।

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