SJVN के नए निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल कार्यभार संभालते हुए

हमीरपुर के राजेश कुमार चंदेल बने SJVN के निदेशक (परियोजनाएं), 35 साल के अनुभव का मिला बड़ा सम्मान

Shimla

शिमला, 11 जून। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के महरे गांव से संबंध रखने वाले वरिष्ठ अभियंता राजेश कुमार चंदेल ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन नवरत्न कंपनी SJVN Limited में निदेशक (परियोजनाएं) का पदभार संभाल लिया है। उनके इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त होने से हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर है।

एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता तथा निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा ने उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी। नई दिल्ली स्थित एसजेवीएन संपर्क कार्यालय में निदेशक (वित्त) पार्थजीत डे, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज पोरवाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

राजेश कुमार चंदेल इससे पहले एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के ओएसडी के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने नेपाल में एसजेवीएन की सहायक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में 900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजना और 669 मेगावाट लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना का सफल नेतृत्व किया।

नेपाल और भूटान की बड़ी परियोजनाओं का किया नेतृत्व

35 वर्षों से अधिक के अनुभव वाले राजेश कुमार चंदेल जलविद्युत परियोजनाओं की योजना, निर्माण, निगरानी और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने भूटान में 1020 मेगावाट पुनात्सांगछू जलविद्युत परियोजना की सफल कमीशनिंग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा वर्ष 2020 में 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना को आगे बढ़ाने में उनका अहम योगदान रहा।

नाथपा झाकड़ी परियोजना से भी रहा गहरा जुड़ाव

राजेश कुमार चंदेल ने हिमाचल प्रदेश की देश की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में शामिल Nathpa Jhakri Hydroelectric Power Station की हेड रेस टनल के निर्माण कार्य में करीब आठ वर्षों तक महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने एसजेवीएन मुख्यालय में भी कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।

हमीरपुर के महरे गांव से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर

14 सितंबर 1971 को हमीरपुर जिले के महरे गांव में जन्मे राजेश कुमार चंदेल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा Government High School Tauni Devi से प्राप्त की। वे सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री धारक हैं। वह द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के फेलो सदस्य और चार्टर्ड इंजीनियर भी हैं।

राजेश कुमार चंदेल ने वर्ष 1990 में हिमुडा से अपने करियर की शुरुआत की थी और 5 मई 1994 को एसजेवीएन से जुड़े थे। उनकी इस उपलब्धि को हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।


यह भी पढ़ें:- कृषि और मैनेजमेंट में करियर का सुनहरा अवसर: नौणी विश्वविद्यालय में BSc Agribusiness Management, MBA (General) और MSc Agricultural Meteorology कोर्स शुरू, जानें पात्रता, सीटें और आवेदन तिथि


हिमाचल प्रदेश की सभी ताज़ा और सटीक खबरों के लिए जुड़े रहें हिमालयन डॉन के साथ।

WhatsApp चैनल:
Join WhatsApp Channel⁠
Telegram चैनल:
Join Telegram Channel⁠
Facebook पेज:
Join Facebook Page

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *