हिमाचल में सरकारी विभागों को उधार पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, सोमवार से लागू होगा कैश पेमेंट नियम

On: March 8, 2026 11:49 AM
हमें फॉलो करें:
हिमाचल में पेट्रोल पंपों पर उधार में पेट्रोल-डीजल बंद, अब कैश पेमेंट से मिलेगा ईंधन
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

Telegram Group

Join Now

शिमला: हिमाचल प्रदेश में अब सरकारी विभागों, निर्माण एजेंसियों और निजी संस्थानों को पेट्रोल-डीजल के लिए उधार सुविधा नहीं मिलेगी। पूरे प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर अब केवल नकद या तत्काल भुगतान पर ही ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा। यह नई व्यवस्था आगामी सोमवार से लागू होगी।

Himachal Pradesh Petroleum Dealers Association ने तेल की क्रेडिट सुविधा पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष Sukumar Singh के अनुसार वैश्विक हालात और कच्चे तेल की आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण तेल कंपनियों को भारी घाटा झेलना पड़ रहा है, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा है।

कंपनियों ने बंद की डीलरों को उधार सुविधा
अब तक तेल कंपनियां पेट्रोल पंप डीलरों को 2 से 4 दिनों की क्रेडिट सुविधा देती थीं, लेकिन हाल ही में इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। कंपनियों ने अब कैश एंड कैरी मॉडल लागू कर दिया है, जिसके तहत डीलरों को पेट्रोल-डीजल का स्टॉक उठाने के लिए तुरंत या अग्रिम भुगतान करना होगा।

इसी कारण प्रदेश के पेट्रोल पंप संचालकों ने भी सरकारी विभागों, निर्माण एजेंसियों और अन्य संस्थानों को उधार पर ईंधन देने से इनकार कर दिया है।

विकास कार्यों पर पड़ सकता है असर
वैश्विक स्तर पर युद्ध और सप्लाई चेन में आई बाधाओं के कारण ईंधन आपूर्ति पहले ही प्रभावित हो रही है। ऐसे में क्रेडिट सुविधा बंद होने से प्रदेश में कई विकास कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

यदि सरकारी विभागों और निर्माण एजेंसियों ने समय पर नकद भुगतान की व्यवस्था नहीं की तो सड़क निर्माण, जल शक्ति विभाग की परियोजनाएं और परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

विभागों को दी गई अग्रिम तैयारी की सलाह
पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने सभी सरकारी विभागों और संस्थानों को सलाह दी है कि वे सोमवार से पहले अपनी बैंकिंग और भुगतान की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें, ताकि ईंधन आपूर्ति में किसी प्रकार की रुकावट न आए।

विशेषज्ञों का मानना है कि नकद भुगतान की अनिवार्यता का असर प्रदेश के छोटे व्यवसायों, निर्माण कार्यों और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें:- हिमाचल में नया नियम: मनरेगा में 50 दिन काम करने वाले परिवार बीपीएल में होंगे शामिल

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

यह भी पढ़ें