शिमला: प्रदेश में बी.पी.एल. सूची से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया गया है। अब ऐसे परिवारों को भी बी.पी.एल. सूची में शामिल किया जा सकेगा, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 50 दिन काम किया हो।
ग्रामीण विकास विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि बी.पी.एल. परिवारों के निर्धारण से जुड़े दिशानिर्देशों में संशोधन किया गया है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों और समय-समय पर किए गए बदलावों के क्रम में 4 फरवरी 2026 को जारी बी.पी.एल. दिशानिर्देशों के पैरा 1(क) (4) में फिर से संशोधन किया गया है।
संशोधित प्रावधान के अनुसार अब ऐसे परिवार भी बी.पी.एल. सूची में शामिल किए जा सकेंगे, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के अंतर्गत कम से कम 50 दिन कार्य किया हो। इस श्रेणी के अंतर्गत पहले से हुए प्रथम से चतुर्थ चरण के सर्वेक्षण में प्राप्त आवेदनों पर भी विचार किया जाएगा।
इसके अलावा पात्र परिवारों से नए आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक परिवार 12 मार्च 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं।
विभाग के अनुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 मार्च 2026 तक खंड स्तरीय समिति द्वारा पात्र परिवारों को पंचायत-वार अधिसूचित किया जाएगा। इसके बाद इन परिवारों की सूची “बी.पी.एल. परिवारों की पांचवें चरण की सूची” के रूप में प्रकाशित की जाएगी।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पहले चरण से चौथे चरण तक हुए सर्वेक्षण, तैयार सूचियों और लिए गए निर्णयों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वे यथावत लागू रहेंगे।
उन्होंने बताया कि पांचवें चरण के सर्वेक्षण के लिए सत्यापन, अनुमोदन, अपील, अभिलेख संधारण और समय-सीमा से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं विभाग द्वारा 19 मार्च 2025 और 15 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचनाओं के अनुसार ही लागू रहेंगी।
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