सिरमौर: कालाअंब में ITMS से 11,557 चालान, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती

On: February 15, 2026 9:56 AM
हमें फॉलो करें:
कालाअंब ITMS कैमरे के तहत चालान काटते
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

Telegram Group

Join Now

ITMS लागू, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण

कालाअंब। 15 फरवरी 2026। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में परिवहन विभाग द्वारा फरवरी 2025 में स्थापित इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) ने यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। 31 जनवरी 2026 तक कुल 11,557 चालान काटे गए हैं, जो पूरे हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक माने जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा चालान: बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग

  • बिना हेलमेट: 7,510 चालान
  • ट्रिपल राइडिंग और अन्य नियम उल्लंघन: 3,865 चालान
  • ओवरलोडिंग के मामले: 182 चालान

आईटीएमएस में लगे कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान कर स्वतः चालान जारी किया जा रहा है।

सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम
परिवहन विभाग ने औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ITMS लागू किया। इससे वाहन चालकों में नियम पालन की जागरूकता बढ़ी है और उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हुआ है।

परिवहन अधिकारी कालाअंब, जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि चालान की संख्या प्रदेश में सबसे अधिक रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि नियमों का उल्लंघन रोकने में यह प्रणाली प्रभावी साबित हो रही है। विभाग समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है।

वाहन चालकों से अपील

  • दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनना अनिवार्य
  • ओवरलोडिंग और ट्रिपल राइडिंग से बचें
  • यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें

सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन बेहद जरूरी है। इससे चालान से बचने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी और सभी की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।

यह भी पढ़ें:- चूड़ेश्वर सेवा समिति का 12 अप्रैल को सराहां में होगा वार्षिक अधिवेशन, डायरेक्टरी भी होगी जारी

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें