पावंटा साहिब | हिमाचल प्रदेश के लाखों लोगों की आस्था के केंद्र शिरगुल महाराज की सेवा में समर्पित चूड़ेश्वर सेवा समिति ने अपने आगामी लक्ष्यों और सामाजिक सुधारों के लिए कमर कस ली है। पावंटा साहिब में आयोजित केंद्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक के बाद समिति के केंद्रीय अध्यक्ष बी. एम. नन्टा ने बैठक में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।
12 अप्रैल को सराहां में होगा वार्षिक अधिवेशन
अध्यक्ष बी. एम. नन्टा ने बताया कि समिति का आगामी वार्षिक अधिवेशन 12 अप्रैल 2026 (रविवार) को चौपाल तहसील के सराहां में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस भव्य समागम की मेजबानी सराहां इकाई द्वारा की जाएगी। नन्टा ने उम्मीद जताई कि इस अधिवेशन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और सदस्य शिरकत करेंगे, जो न केवल संगठन की एकजुटता को दर्शाएगा बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी प्रदर्शन करेगा।

डिजिटल होगी समिति: जारी होगी ‘निर्देशिका एवं फोन डायरेक्टरी’
तकनीक के साथ कदमताल करते हुए अध्यक्ष ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि समिति अपने नेटवर्क को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक व्यापक ‘डिजिटल निर्देशिका एवं फोन डायरेक्टरी’ का निर्माण करने जा रही है। इसके लिए एक समय-सीमा निर्धारित की गई है।
- सभी स्थानीय इकाइयां 15 फरवरी 2026 तक अपने सदस्यों की विस्तृत सूची (फोटो और मोबाइल नंबर सहित) ईमेल
jaishrigulmaharaj@gmail.comपर अनिवार्य रूप से भेज दें। - जो लेखक या विद्वान शिरगुल महाराज के जीवन दर्शन या संस्कृति पर लेख देना चाहते हैं, वे 28 फरवरी तक अपनी रचनाएं साहित्य समिति को सौंप दें।
चूड़धार में बुनियादी ढांचे का विस्तार: पावंटा इकाई की अनूठी पहल
बैठक में सेवा भाव का एक प्रेरक उदाहरण पावंटा साहिब इकाई ने पेश किया। इकाई के सदस्यों ने प्रस्ताव रखा कि वे चूड़धार धाम में बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए स्वयं के खर्च पर निर्माण कार्य करवाना चाहते हैं। केंद्रीय समिति ने इस पर मुहर लगाते हुए पावंटा इकाई को 20 आधुनिक शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, पावंटा इकाई ने भविष्य के वार्षिक सम्मेलन की मेजबानी का प्रस्ताव भी रखा है, जिसे आगामी अधिवेशन में विचारार्थ रखा जाएगा।

स्वच्छता, पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण
शिरगुल महाराज की तपोस्थली चूड़धार और आसपास के क्षेत्रों को सुंदर बनाने के लिए समिति ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है:
- सौंदर्यीकरण: चूड़धार मंदिर परिसर और समिति के विश्राम स्थलों के पास सजावटी पौधों और फूलों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए बीज और पौधों की व्यवस्था ‘निर्माण उप-समिति’ द्वारा की जाएगी।
- सफाई अभियान: सभी इकाइयों से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाएं और श्रद्धालुओं को मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रेरित करें।
- कुरीतियों पर प्रहार: समिति ने संकल्प लिया है कि समय-समय पर गांवों में बैठकें आयोजित कर समाज में फैल रही कुरीतियों को दूर किया जाएगा और लुप्त हो रही सांस्कृतिक परंपराओं को पुनर्जीवित किया जाएगा।
कौशल विकास: रसोइयों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
भंडारे की व्यवस्था को और अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए समिति ने एक नवाचार किया है। चूड़धार में भोजन बनाने वाले कर्मियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण (Training) दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें राज्य के बड़े भोजनालयों या प्रसिद्ध गुरुद्वारों (जैसे पावंटा साहिब गुरुद्वारा) में भेजा जाएगा ताकि वे बड़ी संख्या में लोगों के लिए स्वच्छ और स्वादिष्ट भोजन तैयार करने की आधुनिक तकनीकें सीख सकें।
स्वास्थ्य सेवाएं और जनकल्याण
समिति ने इस वर्ष की अपनी कार्ययोजना में 2 से 3 विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। ये शिविर दुर्गम क्षेत्रों में लगाए जाएंगे जहां स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। इसकी विस्तृत रूपरेखा जल्द ही स्वास्थ्य उप-समिति द्वारा साझा की जाएगी।
बैठक के समापन पर मुख्य संरक्षक प्रो. अमर सिंह चौहान ने सदस्यों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि प्रत्येक सदस्य शिरगुल महाराज का दूत है और हमें समाज के हर वंचित वर्ग की सेवा करनी है।
अध्यक्ष बी. एम. नन्टा ने अंत में पावंटा इकाई के उत्कृष्ट प्रबंधों का आभार व्यक्त किया और सभी पदाधिकारियों से तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने का आह्वान किया।
मुख्य बिंदु एक नजर में:
| कार्य | अंतिम तिथि | जिम्मेदारी |
| सदस्यों की सूची जमा करना | 15 फरवरी | स्थानीय इकाइयां |
| साहित्यिक लेख जमा करना | 28 फरवरी | साहित्य एवं प्रचार समिति |
| वार्षिक अधिवेशन (सराहां) | 12 अप्रैल | सराहां इकाई एवं केंद्रीय समिति |
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