सोलन। हिमाचल प्रदेश के बैंकिंग क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। हिमाचल सरकार द्वारा संचालित जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड को मुंबई में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय समारोह में “Best NPA Management – Iconic Award” से नवाजा गया है।
यह सम्मान बैंक को उसके बेहतरीन वित्तीय अनुशासन और प्रभावी ऋण वसूली प्रबंधन के लिए दिया गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
मुंबई में 30 और 31 जनवरी को आयोजित “Cooperative Banks Top 100 CXO Summit – ICONIC Leaders 2026” के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया गया। इस समिट में देशभर के ग्रामीण और शहरी सहकारी बैंकों ने हिस्सा लिया था। कड़े मूल्यांकन और कड़े मापदंडों के बाद जोगिंद्रा बैंक का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया गया, जो बैंक की पारदर्शी कार्यप्रणाली और मजबूत प्रबंधन को दर्शाता है।
साइबर सुरक्षा पर विशेष मंथन
पुरस्कार वितरण के साथ-साथ इस सम्मेलन में “Digital Defense – Cybersecurity Simulation Workshop” का भी आयोजन किया गया। वर्तमान डिजिटल युग में बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। यह कार्यशाला सहकारी बैंकों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
नेतृत्व और सफलता का श्रेय
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा और प्रबंध निदेशक पंकज सूद विशेष रूप से उपस्थित रहे।
“यह उपलब्धि प्रदेश सरकार के कुशल मार्गदर्शन, बैंक कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और हमारे करोड़ों खाताधारकों के अटूट विश्वास का परिणाम है। हम भविष्य में भी किसानों और आम जनमानस के लिए सशक्त एवं पारदर्शी बैंकिंग सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
— बैंक प्रबंधन
हिमाचल की साख में इजाफा
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने न केवल जोगिंद्रा बैंक की कार्यकुशलता को प्रमाणित किया है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के सहकारी बैंकिंग तंत्र की प्रतिष्ठा को भी पूरे देश में मजबूती प्रदान की है। बैंक की प्रभावी ऋण वसूली व्यवस्था (NPA Management) अब अन्य सहकारी संस्थानों के लिए एक उदाहरण बन गई है।
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