आज से शुरू होगा बीपीएल सर्वे का चौथा चरण

आज से शुरू होगा बीपीएल सर्वे का चौथा चरण: जानें नई पात्रता शर्तें और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

Himachal

शिमला। हिमाचल बीपीएल सर्वेक्षण 2026 (Himachal BPL Survey 2026): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राज्य के गरीब और पात्र परिवारों के हक में एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों की पहचान करने के लिए सर्वेक्षण के चौथे चरण को 01 फरवरी 2026 से शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

​कोई भी पात्र परिवार न छूटे: मुख्यमंत्री का संकल्प

​ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य हर उस गरीब परिवार को मुख्यधारा से जोड़ना है जो अब तक सरकारी योजनाओं से वंचित है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सर्वेक्षण कुल पांच चरणों में पूरा किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी जरूरतमंद परिवार सूची से बाहर न रहे।”

​अब तक 59,829 परिवार बीपीएल सूची में शामिल

​राज्य सरकार द्वारा चलाए गए पिछले तीन चरणों के सर्वेक्षण में अब तक कुल 59,829 परिवारों को बीपीएल श्रेणी में जगह मिली है। मुख्यमंत्री ने जिलेवार आंकड़े भी साझा किए।

जिलाबीपीएल परिवारजिलाबीपीएल परिवार
चंबा13,786मंडी12,045
कांगड़ा10,807ऊना5,869
शिमला4,522हमीरपुर3,480
कुल्लू2,957बिलासपुर2,204
सोलन1,567सिरमौर1,277
कौन होगा पात्र? सरकार ने तय कीं ये विशेष शर्तें

​बीपीएल सर्वेक्षण के इस चौथे चरण में शामिल होने के लिए सरकार ने पात्रता के दायरे को और अधिक मानवीय और विस्तृत बनाया है। यदि आपके परिवार में निम्नलिखित स्थितियां हैं, तो आप इस सूची में शामिल होने के हकदार हैं:

​1. अनाथ बच्चे और बुजुर्ग सदस्य

​जिन परिवारों में 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चे रह रहे हैं या परिवार का कोई सदस्य 59 वर्ष से अधिक आयु का है, उन्हें इस सर्वेक्षण में प्राथमिकता दी जाएगी।

​2. महिला प्रधान परिवार

​ऐसे परिवार जहां घर की मुखिया महिला है और परिवार में 27 से 59 वर्ष के बीच का कोई भी वयस्क पुरुष सदस्य मौजूद नहीं है, उन्हें विशेष रूप से बीपीएल श्रेणी में शामिल किया जाएगा।

​3. दिव्यांगता की स्थिति

​यदि परिवार के मुखिया को 50 प्रतिशत या उससे अधिक की दिव्यांगता है, तो वे सीधे तौर पर इस श्रेणी के लिए पात्र माने जाएंगे। इसके अलावा 27 से 59 वर्ष की आयु के दिव्यांग सदस्यों वाले परिवार भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

​4. मनरेगा श्रमिक और गंभीर बीमारियां

​सरकार ने श्रमिकों का भी विशेष ध्यान रखा है। पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 100 दिन का रोजगार पूरा करने वाले परिवार बीपीएल के पात्र होंगे। साथ ही, यदि परिवार का कोई कमाने वाला सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, या हीमोफीलिया जैसी गंभीर और स्थायी दिव्यांगता वाली बीमारियों से पीड़ित है, तो उन्हें तुरंत राहत दी जाएगी।

​5. पक्के मकान का भ्रम हुआ दूर

​अक्सर यह माना जाता है कि पक्का मकान होने पर बीपीएल कार्ड नहीं बनता। लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों ने सरकारी आवास योजनाओं (केंद्र या राज्य) के तहत वित्तीय सहायता लेकर अपना आशियाना बनाया है, उन्हें इस आधार पर सूची से बाहर नहीं किया जाएगा।

​चौथे चरण का सर्वेक्षण क्यों है महत्वपूर्ण?

​यह सर्वेक्षण न केवल गरीबी का आंकलन है, बल्कि यह भविष्य की सरकारी नीतियों का आधार भी बनेगा। बीपीएल कार्ड धारकों को सरकार की ओर से निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  • राशन में सब्सिडी: डिपो के माध्यम से सस्ते दाम पर अनाज।
  • स्वास्थ्य लाभ: हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के तहत मुफ्त इलाज।
  • शिक्षा सहायता: बच्चों के लिए विशेष छात्रवृत्ति और सरकारी कॉलेजों में छूट।
  • सामाजिक सुरक्षा: वृद्धावस्था और विधवा पेंशन में प्राथमिकता।
​कैसे होगा सर्वेक्षण?

​यह प्रक्रिया आज से जमीनी स्तर पर शुरू हो रही है। ग्रामीण विकास विभाग की टीमें ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर सर्वे करेंगी। परिवारों को अपने दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता, मनरेगा जॉब कार्ड और चिकित्सा प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) तैयार रखने की सलाह दी गई है।

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