हरिपुरधार सिरमौर में डॉक्टर नशा तस्करी मामले में गिरफ्तार, पुलिस जांच

Sirmaur: हरिपुरधार में तैनात डॉक्टर निकला नशा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा, पुलिस कार्रवाई में बड़ा खुलासा

Sirmour

हिमालयन डॉन, नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी निभाने वाला एक डॉक्टर खुद नशे के जाल में फंसा हुआ पाया गया है। पुलिस जांच में उसकी संलिप्तता उजागर होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जांच में खुलते गए चौंकाने वाले राज
मामले की शुरुआत पुलिस थाना सदर नाहन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत दो स्थानीय युवकों — अभिमन्यु ठाकुर और भानु गर्ग की गिरफ्तारी से हुई थी। दोनों को चिट्टा (हेरोइन) की खेप के साथ पकड़ा गया था।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया। पुलिस के अनुसार, केंद्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरिपुरधार में तैनात डॉ. आदित्य शर्मा का नाम इस नेटवर्क में सामने आया।

डॉक्टर ने ही मंगवाई थी नशे की खेप
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि डॉ. आदित्य शर्मा ने ही इन युवकों को स्कूटी (HP18B-0444) पर हरियाणा के नारायणगढ़ भेजकर करीब 6.68 ग्राम चिट्टा/हेरोइन मंगवाई थी।
जांच के दौरान पुलिस को ₹9,180 के डिजिटल ट्रांजैक्शन, व्हाट्सएप चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी मिले हैं, जो पूरे नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।

लंबे समय से नशे का आदी था डॉक्टर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर वर्ष 2020 से नशे की लत में था और दिन में कई बार इंजेक्शन के माध्यम से नशा करता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि नशे की खेप हरियाणा के “विक्की” नामक व्यक्ति से खरीदी गई थी, जिससे एक बड़े अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।

जेल भेजा गया आरोपी, जांच जारी
पुलिस रिमांड के तीन दिन पूरे होने के बाद आरोपी डॉक्टर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन भेज दिया गया है।
वहीं, जब्त किए गए मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

एसपी सिरमौर एन.एस. नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच हर पहलू से की जा रही है और आने वाले समय में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

यह मामला न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्रदेश में बढ़ते नशे के नेटवर्क की गंभीरता को भी उजागर करता है। पुलिस की आगे की जांच से इस अंतर्राज्यीय गिरोह के और सदस्यों के सामने आने की संभावना है।

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