अनुशंसित अंतराल का रखें ध्यान, फफूंदनाशकों को बिना वैज्ञानिक सलाह के अन्य दवाओं के साथ मिलाने से बचें
सोलन। हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों को फफूंदजनित रोगों से फसल को बचाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित फफूंदनाशी स्प्रे अनुसूची का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने कहा है कि फफूंदनाशकों के छिड़काव के बीच निर्धारित अंतराल बनाए रखना बेहद जरूरी है। साथ ही, बिना वैज्ञानिक अनुशंसा के फफूंदनाशकों को कीटनाशकों, सूक्ष्म पोषक तत्वों, वृद्धि नियामकों अथवा हार्मोनों के साथ मिलाकर स्प्रे नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, दवाओं का गलत मिश्रण करने से पौधों पर फाइटोटॉक्सिसिटी, फलों पर रसेटिंग (Russeting) तथा फफूंदनाशकों की प्रभावशीलता में कमी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए आवश्यकता पड़ने पर अलग-अलग उत्पादों का अलग-अलग छिड़काव करना बेहतर है।
रोकथाम के लिए सुरक्षात्मक स्प्रे
रोग के प्रकोप को रोकने के लिए बागवान निम्न में से अनुशंसित फफूंदनाशकों का प्रयोग कर सकते हैं—
मेटिराम (Metiram) @ 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी
जिराम (Ziram) @ 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी
अधिक रोग प्रकोप की स्थिति में
यदि बाग में रोग का प्रकोप अधिक दिखाई दे रहा है तो विशेषज्ञों द्वारा निम्न फफूंदनाशकों में से अनुशंसित विकल्पों का उपयोग करने की सलाह दी गई है—
- Lustre 5% SE @ 160 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी
- Cabrio Top 60 WG @ 200 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी
- Shamir @ 500 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी
- Kohicap Plus @ 600 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी
- Avtaar @ 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी
- Merivon @ 50 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी
- LUNA Experience @ 126 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी
फफूंदनाशकों का बारी-बारी से करें इस्तेमाल
वैज्ञानिकों ने बागवानों को सलाह दी है कि अनुशंसित मिश्रित फफूंदनाशकों का बारी-बारी (Alternately) से प्रयोग करें। एक ही प्रकार की दवा का लगातार इस्तेमाल करने से रोगजनकों में दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए विश्वविद्यालय की अनुशंसित स्प्रे अनुसूची और दवाओं के बीच निर्धारित अंतराल का पालन करना जरूरी है।
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि फफूंदनाशकों को अन्य कीटनाशकों, सूक्ष्म पोषक तत्वों, वृद्धि नियामकों या हार्मोनों के साथ बिना वैज्ञानिक सलाह के टैंक मिक्स न करें। यदि किसी अन्य उत्पाद का प्रयोग आवश्यक हो तो उसे विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार अलग-अलग समय पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें कृषि रसायन
बागवानों को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही कीटनाशक एवं फफूंदनाशक खरीदें। इसके अलावा विश्वविद्यालय और उद्यान विभाग द्वारा अनुमोदित एवं अनुशंसित उत्पादों का ही प्रयोग करें। दवा खरीदते समय लेबल पर दिए गए निर्देश, अनुशंसित मात्रा और सावधानियों को ध्यानपूर्वक पढ़ना भी जरूरी है।
विशेषज्ञों से ले सकते हैं तकनीकी सलाह
यदि बागवानों को बाग में किसी रोग के लक्षण दिखाई देते हैं या फफूंद रोग से संबंधित कोई समस्या है, तो वे रोगग्रस्त हिस्से की स्पष्ट तस्वीरें और अपने प्रश्न विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को भेजकर तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए hodmpp@uhf.ac.in ई-मेल पर फोटो एवं प्रश्न भेजे जा सकते हैं।













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