सोलन। जिला सोलन में अगले पांच दिनों के दौरान मौसम परिवर्तनशील रहने का पूर्वानुमान है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी की ओर से 21 अगस्त को जारी कृषि मौसम परामर्श के अनुसार 21 से 25 अगस्त तक जिले के अधिकांश स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
कृषि मौसम बुलेटिन के मुताबिक 22 अगस्त को करीब 7 मिमी, 23 अगस्त को 6 मिमी, 24 अगस्त को 4 मिमी, 25 अगस्त को 3 मिमी और 26 अगस्त को 2 मिमी बारिश का पूर्वानुमान है। इन दिनों के लिए जिले में किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
किसानों को सिंचाई रोकने की सलाह
लगातार नमी और बढ़ी हुई आर्द्रता के कारण जड़ सड़न, झुलसा और पत्ती धब्बा जैसे फफूंद एवं जीवाणुजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी नालियां बनाने, खरपतवार और झाड़ियों को हटाकर हवा का संचार बेहतर बनाए रखने तथा रोगग्रस्त पौधों और उनके संक्रमित हिस्सों को खेत से बाहर निकालकर नष्ट करने की सलाह दी है।
सभी फसलों में फिलहाल सिंचाई रोकने और वर्षा जल के संग्रहण एवं सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था करने को कहा गया है। कीट प्रभावित फलों और टहनियों की नियमित रूप से हाथ से तुड़ाई कर उनका उचित निपटान करने की भी सलाह दी गई है।
सेब उत्पादकों के लिए खास सलाह
सेब बागवानों को लगातार बादल और अधिक आर्द्रता की स्थिति में किसी भी प्रकार के रसायन का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है। बागानों में खरपतवार और झाड़ियों को हटाकर वायु संचार बेहतर रखने तथा बारिश के दौरान या बारिश रुकने के तुरंत बाद फल तुड़ाई स्थगित रखने को कहा गया है। गिरे हुए और रोगग्रस्त फलों को नियमित रूप से एकत्र कर नष्ट करने की सलाह भी दी गई है।
मक्का, टमाटर और शिमला मिर्च की फसल पर भी नजर
मक्का की फसल में पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है, क्योंकि जलभराव से बैक्टीरियल स्टॉक रॉट का खतरा बढ़ सकता है। टमाटर उत्पादकों को पके फलों की समय पर तुड़ाई करने तथा बकआई रॉट और झुलसा रोग की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। वहीं शिमला मिर्च में लगातार गीली मिट्टी और बादलयुक्त मौसम के कारण जड़ व तना सड़न की आशंका को देखते हुए जलभराव रोकने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को टीकाकरण की सलाह
मानसून के दौरान पशुओं में खुरपका-मुंहपका (FMD) और ब्लैक क्वार्टर (B.Q.) जैसी संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए पशुपालकों को समय पर पशुओं का टीकाकरण करवाने की सलाह दी गई है।
कृषि मौसम सेवा ने किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह के लिए मेघदूत और मौसम पूर्वानुमान के लिए मौसम ऐप का उपयोग करने की सलाह दी है।









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