हिमाचल में स्कूल दाखिले के नए नियम: नर्सरी के लिए 3 और पहली कक्षा के लिए 6 साल उम्र जरूरी

On: October 16, 2026 6:58 PM
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हिमाचल प्रदेश में नर्सरी से पहली कक्षा तक स्कूल दाखिले की आयु सीमा 2026
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30 सितंबर तक पूरी होनी चाहिए निर्धारित आयु, सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होंगे नियम; उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

शिमला (हिमालयन डॉन ब्यूरो)। हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्कूलों में प्रवेश के लिए आयु संबंधी मानदंड स्पष्ट कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार, बालवाटिका-1 (नर्सरी) में दाखिले के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु तीन वर्ष, बालवाटिका-2 (एलकेजी) के लिए चार वर्ष, बालवाटिका-3 (यूकेजी) के लिए पांच वर्ष और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए छह वर्ष निर्धारित की गई है।

विभाग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, संबंधित शैक्षणिक वर्ष में बच्चे की निर्धारित न्यूनतम आयु 30 सितंबर तक पूरी होनी चाहिए। इन निर्देशों का उद्देश्य प्रारंभिक शिक्षा में एकरूपता लाना और बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप सीखने का अवसर उपलब्ध करवाना है।

नर्सरी से पहली कक्षा तक कितनी होनी चाहिए उम्र?

शिक्षा विभाग के निर्धारित मानदंडों के अनुसार प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु इस प्रकार है:

  • बालवाटिका-1 (नर्सरी): 3 वर्ष
  • बालवाटिका-2 (एलकेजी): 4 वर्ष
  • बालवाटिका-3 (यूकेजी): 5 वर्ष
  • पहली कक्षा: 6 वर्ष

निर्धारित आयु संबंधित शैक्षणिक वर्ष में 30 सितंबर या उससे पहले पूरी होनी आवश्यक है।

बालवाटिका में अधिक उम्र के बच्चों को भी मिल सकेगा प्रवेश

अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि विभाग ने बालवाटिका की तीनों कक्षाओं में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की है। यानी निर्धारित न्यूनतम आयु पूरी कर चुके बच्चों को इन कक्षाओं में प्रवेश देने पर केवल अधिक उम्र होने के आधार पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए।

विभागीय स्पष्टीकरण में उदाहरण के तौर पर चार वर्ष के बच्चे को नर्सरी, पांच वर्ष के बच्चे को एलकेजी और छह वर्ष के बच्चे को यूकेजी में प्रवेश दिए जाने की संभावना स्पष्ट की गई है।

सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देशों का पालन करने को कहा

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रवेश मानदंडों का पालन सरकारी और निजी स्कूलों में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। ये निर्देश विभाग की ओर से 12 मार्च, 2026 को जारी पत्र के क्रम में स्पष्ट किए गए हैं।

विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। उल्लंघन की स्थिति में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, आरटीई हिमाचल प्रदेश नियम, 2025 तथा अन्य लागू निर्देशों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

अभिभावक दाखिले से पहले क्या ध्यान रखें?

अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे बच्चे की जन्मतिथि के अनुसार प्रवेश की पात्रता जांच लें और दाखिले से पहले संबंधित स्कूल से आयु मानदंडों की पुष्टि कर लें। इससे आवेदन के समय होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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