महिला शिक्षकों के लिए साड़ी, कुर्ता-पैंट/सलवार और शर्ट-ट्राउजर के विकल्प; पुरुष शिक्षकों के लिए शर्ट, ट्राउजर, टाई और ब्लेजर निर्धारित
शिमला, 1 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के 148 सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि यह व्यवस्था मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। ड्रेस कोड का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की पेशेवर पहचान, अनुशासन और संस्थागत गरिमा को बढ़ावा देना है।
शिक्षा विभाग के अनुसार ड्रेस कोड तैयार करते समय शिक्षकों की व्यावसायिक आवश्यकताओं के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की जलवायु परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा गया है। निर्धारित रंगों में हल्का लाइलैक, लाइलैक पर्पल और नेवी ब्लू शामिल हैं, जबकि जूते और निर्धारित अन्य एक्सेसरीज के लिए काला रंग तय किया गया है।
महिला शिक्षकों के लिए कई विकल्प
निर्धारित ड्रेस कोड के तहत महिला शिक्षकों को परिधान के कई विकल्प दिए गए हैं। इनमें ब्लेजर के साथ साड़ी, कुर्ता/कमीज के साथ पैंट, प्लाजो या सलवार तथा टाई और ब्लेजर के साथ शर्ट-ट्राउजर शामिल हैं।
वहीं, पुरुष शिक्षकों के लिए शर्ट, ट्राउजर, टाई और ब्लेजर निर्धारित किया गया है।
पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत स्कूल ड्यूटी के दौरान सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा। इसके अलावा ब्लेजर पर संबंधित विद्यालय अथवा विभाग का निर्धारित लोगो प्रदर्शित किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ड्रेस कोड सभी शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों पर लागू होगा, जिसमें आउटसोर्स आधार पर कार्यरत शिक्षक भी शामिल हैं।
मेडिकल जरूरत और गर्भावस्था में मिल सकेगी छूट
चिकित्सकीय आवश्यकता, दिव्यांगता अथवा गर्भावस्था की स्थिति में निर्धारित ड्रेस कोड में आवश्यक छूट या उपयुक्त बदलाव किया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित संस्थान के प्रमुख की अनुमति आवश्यक होगी।
100 नए CBSE स्कूल खोलने की तैयारी
राज्य सरकार आगामी शैक्षणिक सत्र से 100 नए CBSE स्कूल खोलने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार के अनुसार सरकारी CBSE स्कूलों में लगभग 2,000 शिक्षण पद पहले ही भरे जा चुके हैं।
इसके साथ ही शिक्षकों की जवाबदेही और उपस्थिति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की जा रही है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को मिलेगा प्रोत्साहन
शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका को मजबूत करने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान और पुरस्कार की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की बात भी कही गई है।
वहीं, आगामी शैक्षणिक सत्र से सरकारी PM श्री स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों के अभिलेखों में श्रेणी का उल्लेख नहीं किया जाएगा। हालांकि पात्र परिवारों को मौजूदा प्रावधानों के अनुसार सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की दिशा
राज्य सरकार के अनुसार ड्रेस कोड समेत ये पहल शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, जवाबदेही, समान अवसर और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। सरकार का जोर स्कूलों में ऐसा वातावरण तैयार करने पर है, जिसमें शिक्षक पेशेवर मानकों के साथ कार्य करें और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार हो।
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