एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने मेडिकल क्षेत्र में बड़ा विस्तार करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान 277 स्नातकोत्तर (PG) मेडिकल सीटों के अतिरिक्त 320 नई PG सीटें बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से सहयोग का आग्रह भी किया।
मुख्यमंत्री सोमवार को एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले स्नातकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना की।
शहरों तक सीमित नहीं रहेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के लोगों को प्रदेश के भीतर ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने कहा कि एम्स दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश में 3-टेस्ला एमआरआई, PET स्कैन, उच्च क्षमता वाली एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनों सहित अत्याधुनिक डायग्नॉस्टिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आधुनिक इलाज की सुविधा मिल सके।
सरकारी अस्पतालों में शुरू हुई रोबोटिक सर्जरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक उपचार, जो पहले मुख्य रूप से महंगे निजी अस्पतालों में उपलब्ध होते थे, अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ आम जनता और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलेगा। सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार आधुनिक बनाने और अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं का विस्तार करने के प्रयास कर रही है।
पैरामेडिकल और अलाइड हेल्थ के लिए भी नया कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्तर भारत का पहला ऐसा कॉलेज भी शुरू किया गया है, जहां पैरामेडिकल और अलाइड पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित और कुशल तकनीकी मानव संसाधन तैयार करना है।
इसके अलावा एम्स की तर्ज पर एक आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
भाखड़ा बांध को बिलासपुर के त्याग से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का हिमाचल प्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। उन्होंने प्रदेश की मंदिर परंपराओं, लोक संस्कृति और सदियों पुरानी विरासत को हिमाचल की विशिष्ट पहचान बताया।
बिलासपुर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने राष्ट्र निर्माण और विकास की कीमत के रूप में विस्थापन का दर्द सहा है। पंडित जवाहर लाल नेहरू की विकास की परिकल्पना के अनुरूप निर्मित भाखड़ा बांध विकास और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक होने के साथ-साथ बिलासपुर के लोगों के त्याग और योगदान को भी दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करना और प्रदेश के लोगों को आधुनिक उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
ये गणमान्य रहे मौजूद
समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, सांसद हर्ष महाजन, विधायक रणधीर शर्मा, जीत राम कटवाल और त्रिलोक जम्वाल, एम्स अध्यक्ष एन.के. अरोड़ा, कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
हिमालयन डॉन न्यूज़ डेस्क | बिलासपुर







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