सोलन में 8 अगस्त तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील, भारी बारिश की चेतावनी के बीच किसानों को सतर्क रहने की सलाह

On: August 4, 2026 4:09 PM
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सोलन में भारी बारिश की चेतावनी के बीच सेब के बाग और खेती का दृश्य, किसानों के लिए कृषि मौसम परामर्श।
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डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी की कृषि मौसम सलाह; सेब, टमाटर, शिमला मिर्च सहित बागवानी फसलों में फिलहाल छिड़काव से बचने की सलाह

सोलन, 4 अगस्त। डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी तथा भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी कृषि मौसम परामर्श के अनुसार सोलन जिले में आगामी 8 अगस्त तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान जिले के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जबकि 4 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

परामर्श के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सापेक्षिक आर्द्रता 69 से 94 प्रतिशत तक रहने से फफूंद एवं जीवाणुजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करने, सिंचाई फिलहाल स्थगित रखने तथा खरपतवार हटाकर फसलों में वायु संचार बनाए रखने की सलाह दी है। साथ ही नदियों, नालों और निचले क्षेत्रों से दूर रहने का भी आग्रह किया गया है।

सेब उत्पादकों के लिए विशेष सलाह
परामर्श में कहा गया है कि अधिक आर्द्रता के कारण सेब में स्कैब और अल्टरनेरिया पत्ती धब्बा रोग की नियमित निगरानी करें। लगातार बादल और नमी को देखते हुए फिलहाल किसी भी प्रकार का छिड़काव न करें। शीघ्र पकने वाली किस्मों की तुड़ाई वर्षा के दौरान या तुरंत बाद न करें तथा तुड़ाई के बाद फलों को छायादार एवं हवादार स्थान पर रखें।

सब्जी उत्पादकों को भी सतर्क रहने की सलाह
टमाटर उत्पादकों को परिपक्व फलों की समय पर तुड़ाई, जल निकासी की व्यवस्था तथा बकआई रॉट और झुलसा रोग की निगरानी करने की सलाह दी गई है। रोग दिखाई देने पर संक्रमित पौधों को तुरंत हटाने और आवश्यकतानुसार डाइथेन एम-45 का छिड़काव करने की अनुशंसा की गई है। वहीं शिमला मिर्च में सर्कोस्पोरा पत्ती धब्बा रोग तथा अरबी में ब्लाइट एवं कंद गलन रोग पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

पशुपालकों और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए सुझाव
पशुपालकों को मानसून के दौरान खुरपका-मुंहपका (FMD) एवं ब्लैक क्वार्टर जैसी बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी गई है। वहीं प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को साफ मौसम में अग्निअस्त्र, ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क तथा जीवामृत के उपयोग की सलाह दी गई है।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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