सोलन। युवाओं के लिए कौशल आधारित शिक्षा और स्वरोजगार के नए अवसर खोलते हुए डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से दो नए एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू किए हैं। विश्वविद्यालय ने योग विज्ञान तथा मधुमक्खी पालन एवं एपीथेरेपी में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। खास बात यह है कि इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कोई प्रवेश परीक्षा नहीं होगी। दाखिला केवल स्नातक में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर दिया जाएगा।
दोनों पाठ्यक्रम एक वर्ष की अवधि के होंगे, जिनमें दो सेमेस्टर होंगे। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरते हुए क्षेत्रों में विशेष ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा स्वरोजगार एवं उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
योग विज्ञान में 30 सीटें
योग विज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम पुष्प विज्ञान एवं भूदृश्य विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ तैयार करना है। पाठ्यक्रम में योग की प्राचीन परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक सिद्धांतों से जोड़ा गया है, ताकि विद्यार्थी स्वास्थ्य संवर्धन, रोगों की रोकथाम और समग्र कल्याण के क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित ज्ञान एवं कौशल प्राप्त कर सकें।
इस कार्यक्रम में व्यापक प्रायोगिक प्रशिक्षण और फील्ड वर्क भी शामिल है। प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों के लिए वेलनेस सेंटर, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं, कॉर्पोरेट वेलनेस कार्यक्रमों तथा स्वतंत्र योग अभ्यास के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इस पाठ्यक्रम में 30 सीटें निर्धारित की गई हैं।
मधुमक्खी पालन एवं एपीथेरेपी में 25 सीटें
मधुमक्खी पालन एवं एपीथेरेपी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम कीट विज्ञान विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा। यह कौशल आधारित कार्यक्रम वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन, मधुमक्खी उत्पाद प्रौद्योगिकी और एपीथेरेपी के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करने पर केंद्रित है।
पाठ्यक्रम में मधुमक्खियों की जीवविज्ञान, एपियरी प्रबंधन, रानी मधुमक्खी उत्पादन, स्वास्थ्य प्रबंधन, परागण सेवाएं, प्रवासी मधुमक्खी पालन, मधुमक्खी उत्पादों का प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता नियंत्रण और उद्यम प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में 25 सीटें उपलब्ध हैं।
पात्रता और चयन प्रक्रिया
दोनों कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक उपाधि आवश्यक है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं।
प्रवेश पूरी तरह स्नातक परीक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर होगा और कोई प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
महत्वपूर्ण तिथियां
- आवेदन की अंतिम तिथि: 16 अगस्त 2026
- मेरिट आधारित काउंसलिंग: 24 अगस्त 2026
- कक्षाएं शुरू: 28 अगस्त 2026
कुलपति ने क्या कहा?
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरमिंदर सिंह बवेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय समाज और उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन डिप्लोमा कार्यक्रमों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने के साथ-साथ उद्यमिता, स्वरोजगार और सतत आजीविका को भी बढ़ावा मिले। उन्होंने बताया कि कक्षा शिक्षण के साथ व्यापक व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय ने बताया कि प्रवेश से संबंधित विस्तृत सूचना, प्रॉस्पेक्टस और आवेदन पत्र उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।













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