माल्यार्पण, रक्तदान, विचार गोष्ठी, कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह, सांस्कृतिक संध्या और सिरमौरी धाम के साथ हिमाचल निर्माता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
सोलन। हिमाचल प्रदेश के निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती के अवसर पर सिरमौर कल्याण मंच, सोलन द्वारा मंगलवार को शहर में दिनभर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि, जनसेवा, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों, युवाओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर हिमाचल निर्माता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

चिल्ड्रन पार्क में माल्यार्पण से हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ शहर के चिल्ड्रन पार्क स्थित डॉ. वाईएस परमार की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। नगर निगम सोलन की महापौर सुषमा शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार ने आधुनिक हिमाचल की मजबूत नींव रखी और उनका दूरदर्शी नेतृत्व आज भी प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने लोगों से डॉ. परमार के आदर्शों और सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर सिरमौर कल्याण मंच के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

24वें रक्तदान शिविर में युवाओं ने दिखाई सेवा भावना
माल्यार्पण के बाद मुरारी मार्केट स्थित सभागार में सिरमौर कल्याण मंच द्वारा 24वें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया और दोपहर तक लगभग 50 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। रक्त संग्रह की पूरी प्रक्रिया क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के ब्लड बैंक की टीम की देखरेख में संपन्न हुई। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि रक्तदान महादान है और एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की।
विचार गोष्ठी में याद किया हिमाचल निर्माता का दूरदर्शी नेतृत्व
जयंती के अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने डॉ. यशवंत सिंह परमार के व्यक्तित्व, कृतित्व और हिमाचल प्रदेश के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के विकास, सामाजिक समरसता और जनसेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाना ही डॉ. परमार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
50 से अधिक कवियों ने रचनाओं से बांधा समां
साहित्यिक आयोजन के तहत आयोजित भव्य कवि सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 50 से अधिक कवियों एवं साहित्यकारों ने कविता, गीत, ग़ज़ल और व्यंग्य की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। डॉ. परमार के व्यक्तित्व, आधुनिक हिमाचल के निर्माण और सिरमौर की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों एवं साहित्यकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक संध्या के मुख्य अतिथि रहे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल
संध्याकाल आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचल की नीतियों को दिशा दी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर किया। पर्यटन, उद्योग, सड़क, शिक्षा और विद्युत परियोजनाओं की मजबूत नींव उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विकसित हिमाचल का सपना डॉ. परमार की सोच से ही साकार हुआ।
निर्माणाधीन भवन के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा
डॉ. शांडिल ने सिरमौर कल्याण मंच के सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की सराहना करते हुए सोलन के कोठों में निर्माणाधीन भवन के लिए पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने सोलन से चनारग तक बस सेवा शुरू कराने का आश्वासन भी दिया।
लोक संस्कृति की बिखरी छटा, सिरमौरी धाम बना आकर्षण
सांस्कृतिक कार्यक्रम में चुडेश्वर सांस्कृतिक दल सहित विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने सिरमौरी लोकगीतों और पारंपरिक लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पूरे सभागार में सिरमौर की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली और दर्शकों ने कलाकारों का तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर हाटी प्राकृतिक उत्पाद स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसका स्वास्थ्य मंत्री ने अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक सिरमौरी धाम का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया।

देवेंद्र सिंह शास्त्री को मिला ‘डॉ. वाईएस परमार सम्मान-2026’
समारोह का प्रमुख आकर्षण सम्मान समारोह भी रहा। इस वर्ष ‘डॉ. वाईएस परमार सम्मान-2026’ वरिष्ठ शिक्षाविद्, संस्कृत मनीषी, साहित्यकार एवं समाजसेवी देवेंद्र सिंह तोमर शास्त्री को प्रदान किया गया। डॉ. शांडिल ने सम्मान प्रदान करते हुए कहा कि शिक्षा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उनका योगदान समाज के लिए प्रेरणादायी है।
पच्छाद के मल्होटी गांव में जन्मे देवेंद्र शास्त्री ने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षा, संस्कृत, साहित्य और समाज सेवा को समर्पित किया। उन्होंने संस्कृत और हिंदी के शिक्षक के रूप में हजारों विद्यार्थियों को शिक्षित किया। उनका शोधग्रंथ ‘सनातन धर्म ग्रंथों में शासन का स्वरूप’ प्रकाशित हो चुका है, जबकि हिंदी और सिरमौरी भाषा में उनकी 100 से अधिक कविताएं और गीत प्रकाशित हो चुके हैं। वे लोकसंस्कृति, वैदिक चिंतन, योग तथा शास्त्रीय संगीत के भी गहरे अध्येता हैं।

हाटी सांस्कृतिक कला मंच को मिला ‘सिरमौर सम्मान-2026’
हाटी क्षेत्र की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए हाटी सांस्कृतिक कला मंच, कफोटा (शिलाई) को ‘सिरमौर सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। मंच की ओर से भाव सिंह कपूर एवं उनके साथियों ने सम्मान ग्रहण किया।
वर्ष 1999 में स्थापित यह संस्था गिरिपार क्षेत्र की विलुप्त होती लोक परंपराओं, लोकगीतों और लोकनृत्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। मंच ने रासा, झिरी, झूरी, गंगी, लामण, हारुल, बूढ़ी दिवाली तथा पारंपरिक विवाह गीतों जैसी लोक विधाओं के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। संस्था द्वारा तैयार किया गया ‘हाटी की गूंज’ ऑडियो कैसेट हिमाचल और उत्तराखंड में लोक संस्कृति के पुनर्जागरण का माध्यम बना। मंच से जुड़े अनेक कलाकार वर्षों से सिरमौर की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित
समारोह में नगर निगम सोलन की महापौर सुषमा शर्मा, कर्नल संजय शांडिल, डॉ. यशवंत सिंह परमार के पौत्र आनंद परमार, विश्वकर्मा समाज कल्याण बोर्ड के सदस्य मदन हिमाचली, जिला परिषद सदस्य अमित ठाकुर, कांग्रेस नेता राहुल ठाकुर, राकेश पंत, अजय कंवर, सरदार सिंह, सिरमौर कल्याण मंच के प्रधान प्रदीप ममगई, महासचिव यशपाल कपूर, उपमंडलाधिकारी नीरजा शर्मा, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
श्रद्धा से आगे बढ़कर समाज सेवा और संस्कृति का संदेश
समारोह के समापन पर सिरमौर कल्याण मंच के अध्यक्ष प्रदीप ममगईं ने कहा कि डॉ. वाईएस परमार की जयंती केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर है। माल्यार्पण, रक्तदान, विचार गोष्ठी, कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सिरमौरी धाम जैसे आयोजनों ने यह संदेश दिया कि डॉ. परमार का जीवन समाज सेवा, शिक्षा, संस्कृति और जनकल्याण की प्रेरणा का स्थायी स्रोत है। नई पीढ़ी को उनके विचारों और मूल्यों से जोड़ना ही इस आयोजन का सबसे बड़ा उद्देश्य है।













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