सोलन: 10 रुपये की पर्ची फीस पर सवाल, कुशल जेठी बोले—RKS को मिले पूरी राशि

On: August 20, 2026 7:45 AM
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जोनल अस्पताल सोलन में पर्ची शुल्क को RKS खाते में जमा करने की मांग करते कुशल जेठी
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सोलन। जोनल अस्पताल सोलन में मरीजों की पर्ची के लिए 10 रुपये शुल्क लेने के फैसले ने अब राशि के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। रोगी कल्याण समिति (RKS) के सदस्य एवं व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष कुशल जेठी ने मांग उठाई है कि मरीजों से वसूली जाने वाली पर्ची फीस सीधे RKS के खाते में जमा होनी चाहिए।

जेठी के मुताबिक, यदि मरीजों से ली जाने वाली राशि को पहले सरकारी ट्रेजरी में जमा कराया जाता है और बाद में अस्पताल की जरूरतों के लिए RKS को वही पैसा हासिल करना पड़े, तो यह व्यवस्था अनावश्यक रूप से जटिल हो सकती है। उनका तर्क है कि जिस राशि का उद्देश्य मरीजों के कल्याण और अस्पताल की सुविधाओं में सुधार है, उसके उपयोग की प्रक्रिया भी सरल होनी चाहिए।

‘पैसा मरीजों से, उपयोग भी मरीजों के हित में स्पष्ट हो’
जेठी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने से पहले शुल्क की आवश्यकता और उसके उपयोग को लेकर पूरी तस्वीर स्पष्ट होनी चाहिए। यदि शुल्क लिया जा रहा है तो मरीजों को यह जानकारी भी मिलनी चाहिए कि इससे प्राप्त धन किस मद में खर्च किया जाएगा।

उन्होंने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, सीटी स्कैन, विभिन्न मेडिकल टेस्ट और स्पेशल वार्ड से जुड़े शुल्क का मुद्दा भी उठाया। जेठी का कहना है कि इन सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी का असर सीधे मरीजों पर पड़ता है, इसलिए बढ़ी हुई राशि के उपयोग और उसके लेखे-जोखे में पारदर्शिता जरूरी है।

RKS का मकसद मरीजों को सुविधा देना
कुशल जेठी ने कहा कि रोगी कल्याण समिति का मूल उद्देश्य अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं को मजबूत करना है। ऐसे में समिति के पास उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल मरीजों की जरूरत के मुताबिक समय पर होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि राशि ट्रेजरी में चली जाती है और उसे वापस लेने के लिए अलग प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, तो जरूरी कार्यों में देरी हो सकती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह संबंधित RKS बैठक में स्वयं उपस्थित नहीं हो सके थे। इसके बावजूद उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया है कि पर्ची शुल्क की राशि को RKS खाते में जमा करने को लेकर स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं।

जेठी ने कहा कि मरीजों से लिया जाने वाला हर रुपया पारदर्शी व्यवस्था के तहत अस्पताल और मरीजों की सुविधाओं पर खर्च होता दिखना चाहिए।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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