किसानों के लिए बड़ी खबर: डिजिटल फसल सर्वेक्षण से मिलेगा बीमा और मुआवज़ा

On: February 6, 2026 8:25 PM
हमें फॉलो करें:
डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

Telegram Group

Join Now

सोलन: कृषि डाटा को आधुनिक और सटीक बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू किया गया है। उप निदेशक कृषि डॉ. देव राज कश्यप ने जिला के किसानों से इस सर्वेक्षण में पंजीकरण करवाने का आग्रह किया है।

फसल की सही जानकारी से मिलेगी योजनाओं का लाभ
उप निदेशक कृषि डॉ. देव राज कश्यप ने बताया कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण के माध्यम से किसानों की फसल से जुड़ा महत्वपूर्ण डाटा एकत्र किया जाएगा। इसमें फसल का प्रकार, बोए गए क्षेत्र का विवरण, सिंचाई की स्थिति और फसल के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी शामिल होगी।
उन्होंने बताया कि यह डाटा कृषि विभाग को फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), प्राकृतिक आपदा मुआवज़ा और खाद्य सुरक्षा योजना जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करेगा।

डिजिटल तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता और सटीकता
डॉ. कश्यप ने कहा कि इस सर्वेक्षण में आधुनिक डिजिटल तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे डाटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। इससे मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी और किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से फसल बीमा दावों के निपटारे में देरी कम होगी और फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को उचित मुआवज़ा मिल सकेगा।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यह एक मोबाइल आधारित प्रणाली है, जिसमें जीपीएस मैपिंग, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट इमेजरी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे खेतों में बोई गई फसलों का वास्तविक समय में डाटा एकत्र किया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें:- संघर्ष को दी मात: संगड़ाह की सीमा देवी ने बच्चों की परवरिश के साथ निकाली नेट परीक्षा

किसानों को सब्सिडी और योजनाओं की मिलेगी सटीक जानकारी
उप निदेशक ने कहा कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण से किसानों को सही फसल पर उचित सब्सिडी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा कृषि योजनाओं की सटीक जानकारी किसानों तक पहुंचेगी और फसल से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने में भी मदद मिलेगी।

अधिकारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक तकनीक का सही उपयोग कर सकें और सटीक जानकारी एकत्र कर सकें।

राष्ट्रीय कृषि डाटाबेस से जोड़ा जाएगा डाटा
डॉ. कश्यप ने बताया कि सर्वेक्षण से एकत्र किया गया डाटा राष्ट्रीय कृषि डाटाबेस से जोड़ा जाएगा। इससे जिला स्तर पर बेहतर कृषि नीति बनाने और भविष्य की योजनाओं को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

किसानों से पंजीकरण करवाने की अपील
उप निदेशक कृषि ने जिला के सभी किसानों से अपील की है कि वे डिजिटल फसल सर्वेक्षण में अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और मुआवज़े का पूरा लाभ मिल सके।

यह भी पढ़ें:- हिमाचल में ‘तालाबंदी’! जयराम ठाकुर का आरोप- “सुक्खू सरकार ने जनता के हक पर लगाया पहरा, रुक गया सारा काम!”

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें