सराहां महाधिवेशन: चूड़ेश्वर सेवा समिति का बड़ा निर्णय, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं में होगा गुणात्मक सुधार

On: April 12, 2026 1:25 PM
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सराहां महाधिवेशन में चूड़ेश्वर सेवा समिति की बैठक का समाचार।
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चौपाल | 12 अप्रैल, 2026 हिमालयन डॉन,हिमाचल की शिवालिक पहाड़ियों की गोद में बसा सराहां रविवार को भक्ति, शक्ति और सेवा के एक अनूठे त्रिवेणी संगम का साक्षी बना। उपमंडल चौपाल की पावन धरा, जो श्री विजट महाराज के आशीर्वाद से अभिसिंचित है, वहां चूड़ेश्वर सेवा समिति (पंजीकृत) का 23वाँ वार्षिक महाधिवेशन अत्यंत हर्षोल्लास और आध्यात्मिक भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

​यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि हिमाचल और उत्तराखंड के हजारों शिरगुल भक्तों की आस्था का एक विशाल समागम था, जहाँ आगामी वर्ष के लिए सेवा और समर्पण का नया रोडमैप तैयार किया गया।

मंगलाचरण से गुंजायमान हुआ वातावरण

​कार्यक्रम का विधिवत आगाज़ पारंपरिक ‘मंगलाचरण’ के साथ हुआ। जैसे ही शंखध्वनि और मंत्रोच्चार के बीच शिरगुल महाराज की स्तुति शुरू हुई, पूरा सराहां क्षेत्र भक्तिमय हो गया। समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं की आँखों में अपने आराध्य के प्रति अटूट विश्वास और सेवा का संकल्प साफ झलक रहा था।

आगामी वर्ष का संकल्प: बजट से लेकर बुनियादी ढांचे तक

​केंद्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष बीएम नंटा, महासचिव सुनील कमल और वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप ममगाईं की अध्यक्षता में आयोजित इस महाधिवेशन में 12 प्रमुख बिंदुओं पर मैराथन चर्चा हुई। समिति ने न केवल पिछले वर्ष का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए कड़े निर्णय भी लिए।

मुख्य एजेंडा और रणनीतिक निर्णय:

आध्यात्मिक एवं सामाजिक सरोकार का समन्वय

​चूड़ेश्वर सेवा समिति केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। यह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के शिरगुल श्रद्धालुओं का एक ऐसा संगठन है जो सामाजिक समरसता और जनसेवा में अग्रणी भूमिका निभाता है।

​”हमारा लक्ष्य केवल मंदिर प्रबंधन नहीं, बल्कि उस अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना है जो चूड़धार की यात्रा पर श्रद्धा के साथ आता है। सेवा ही हमारा परम धर्म है।” — बी.एम. नंटा, अध्यक्ष केंद्रीय कार्यकारिणी

प्रशासनिक सुधार और भविष्य की राह

​महाधिवेशन के दौरान समिति की कार्यप्रणाली में आधुनिकता लाने के लिए प्रशासनिक सुधारों और संवैधानिक संशोधनों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वर्ष 2026 की ‘स्मारिका’ और ‘मार्गदर्शिका’ के प्रकाशन की प्रगति की समीक्षा की गई, जो नए श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश का कार्य करेगी।

​इस ऐतिहासिक समागम में कोषाध्यक्ष चेतराम शर्मा, नारायण चौहान, रमेश शर्मा, जोगिंदर चौहान, रामभज चौहान, हीरानंद मेहता, ग्यार सिंह नेगी और अमर सिंह सहित हजारों की संख्या में चूड़ेश्वर भक्त उपस्थित रहे। सराहां की गलियां आज भगवा रंग और “जय श्री चूड़ेश्वर महाराज” के नारों से सराबोर रहीं।

​इस महाधिवेशन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि जब सामूहिक शक्ति और अटूट श्रद्धा एक सूत्र में पिरोई जाती है, तो सेवा के बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त करना सुगम हो जाता है।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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