नौणी विश्वविद्यालय में वाइन मेकिंग का 3 माह का कोर्स शुरू, 10+2 पास युवाओं से आवेदन आमंत्रित

On: July 13, 2026 5:58 PM
हमें फॉलो करें:
डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में शुरू हुआ तीन माह का वाइन मेकिंग व्यावसायिक पाठ्यक्रम।
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

Telegram Group

Join Now

नौणी। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (यूएचएफ), नौणी ने तीन माह के वाइन मेकिंग व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पाठ्यक्रम इच्छुक उद्यमियों, फल उत्पादकों और ग्रामीण युवाओं को वैज्ञानिक तरीके से वाइन निर्माण तथा मूल्य संवर्धन की तकनीकी जानकारी प्रदान करेगा।

विश्वविद्यालय के अनुसार पाठ्यक्रम में प्रतिभागियों को कक्षा शिक्षण और प्रयोगशाला प्रशिक्षण के माध्यम से वाइन निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें फलों का चयन, रस निष्कर्षण, फर्मेंटेशन, यीस्ट कल्चर प्रबंधन, क्लैरिफिकेशन, फिल्ट्रेशन, मैच्युरेशन, ब्लेंडिंग, बॉटलिंग, पाश्चुरीकरण और गुणवत्ता परीक्षण जैसे विषय शामिल हैं।

उद्यमिता और स्वरोजगार पर रहेगा विशेष फोकस
पाठ्यक्रम में गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP), गुड हाइजीन प्रैक्टिसेज (GHP), गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, लेबलिंग, भंडारण और लघु व मध्यम स्तर की वाइनरी स्थापित करने से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को सफल उद्यमी बनने के लिए तैयार करना है।

कुलपति ने बताया किसानों के लिए लाभकारी पहल
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एच.एस. बवेजा ने कहा कि बागवानी उत्पादों का मूल्य संवर्धन किसानों की आय बढ़ाने और पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में गुणवत्तापूर्ण फलों की भरपूर उपलब्धता है, लेकिन विपणन और कटाई उपरांत होने वाले नुकसान के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में वैज्ञानिक प्रसंस्करण किसानों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है।

10 सीटें, 8 अगस्त तक करें आवेदन
पाठ्यक्रम में कुल 10 सीटें उपलब्ध हैं। प्रवेश के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 या समकक्ष परीक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। हालांकि स्नातक और स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

  • कोर्स अवधि: 3 माह
  • फीस: ₹18,000
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 8 अगस्त 2026
  • काउंसलिंग: 14 अगस्त 2026
  • पाठ्यक्रम प्रारंभ: 20 अगस्त 2026

ऐसे करें आवेदन
आवेदन पत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र के साथ आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज, चरित्र प्रमाण-पत्र तथा ₹100 का डिमांड ड्राफ्ट/आईपीओ संलग्न कर पंजीकृत डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से हेड, डिपार्टमेंट ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर, डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, जिला सोलन-173230 के पते पर भेजना होगा। कूरियर से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी 01792-252410 पर संपर्क कर सकते हैं या hodfst@uhf.ac.in पर ईमेल भेज सकते हैं।

Kamlesh Thakur

कमलेश ठाकुर पिछले 3 वर्षों से हिमालयन डॉन मीडिया के साथ बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। उन्हें हिमाचल प्रदेश की स्थानीय खबरों, शिक्षा, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ है। सटीक, विश्वसनीय और तथ्यपरक रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। स्थानीय घटनाओं को पाठकों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी विशेष रुचि है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें