शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षण संस्थान (CDOE) में तैनात लोक प्रशासन विभाग (Public Administration) के एक सहायक प्रोफेसर की 12वीं कक्षा की मार्कशीट कथित तौर पर फर्जी पाई गई है। एचपीयू प्रशासन की शिकायत पर शिमला की बालूगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दस्तावेजों के सत्यापन में हुआ खुलासा
विवि रजिस्ट्रार ज्ञान सागर नेगी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, नियुक्ति के समय जमा किए गए दस्तावेजों के नियमित सत्यापन के दौरान यह मामला पकड़ा गया। 18 फरवरी 2025 को जब विवि ने सहायक प्रोफेसर की 12वीं की मार्कशीट को स्कूल शिक्षा बोर्ड से सत्यापित करवाया, तो रिकॉर्ड में विसंगति पाई गई।
विश्वविद्यालय में जमा करवाई गई मार्कशीट में अभ्यर्थी सभी विषयों में ‘पास’ दिखाया गया था, लेकिन बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार वह तीन महत्वपूर्ण विषयों में ‘फेल’ पाया गया।
कारण बताओ नोटिस का नहीं मिला संतोषजनक जवाब
फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित सहायक प्रोफेसर को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। विवि के मुताबिक, आरोपी द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं था। इसके बाद एचपीयू प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस में लिखित शिकायत दी।
एचपीयू रजिस्ट्रार ज्ञान सागर नेगी ने कहा: > “डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान अभ्यर्थी की मार्कशीट में वह सभी विषयों में पास था, लेकिन बोर्ड से जांच करने पर वह तीन विषयों में फेल पाया गया। विवि ने नियमों के तहत अब बालूगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।”
आरोपी प्रोफेसर का दावा: ‘तकनीकी खामी के कारण नहीं दिखे अंक’
दूसरी ओर, आरोपी सहायक प्रोफेसर ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है। उनका तर्क है कि यह एक तकनीकी त्रुटि थी। उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड के परिणाम में केवल प्रायोगिक (Practical) अंक दिख रहे थे और सैद्धांतिक (Theory) अंक प्रदर्शित नहीं हो रहे थे। उन्होंने दावा किया कि 27 जनवरी को उन्होंने संशोधित मार्कशीट विश्वविद्यालय को सौंप दी थी, लेकिन 29 जनवरी को विवि ने बिना उचित प्रक्रिया अपनाए उनके खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। उन्होंने अब कानूनी माध्यम से अपना पक्ष रखने की बात कही है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
एसएसपी शिमला गौरव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विवि रजिस्ट्रार की शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब शिक्षा बोर्ड और विवि से रिकॉर्ड कब्जे में लेकर मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।
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