प्रतिदिन 100 किलो या उससे अधिक कचरा पैदा करने वाले होटल, अस्पताल, स्कूल, अपार्टमेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लागू होगा नया नियम
सोलन। शहर में बढ़ती कूड़ा प्रबंधन की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम सोलन ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों को अपने परिसर में ही कचरे का प्रसंस्करण करना अनिवार्य होगा। इसके लिए संबंधित संस्थानों को विशेष रूप से गीले कचरे के निस्तारण हेतु पिट (कम्पोस्ट पिट) की व्यवस्था करनी होगी, जहां जैविक कचरे को खाद में बदला जाएगा।
नगर निगम के इस नए नियम के दायरे में बड़े होटल, रेस्तरां, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, बड़े अपार्टमेंट, हाउसिंग सोसायटी, बाजार और सरकारी कार्यालय शामिल होंगे। निगम ने ऐसे संस्थानों की पहचान के लिए शहरभर में सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।
नगर निगम यह पता लगा रहा है कि किन भवनों और संस्थानों से प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा निकलता है। सर्वे पूरा होने के बाद चयनित संस्थानों पर यह नियम प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ जुर्माना लगाने या अतिरिक्त कचरा शुल्क वसूलने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
नगर निगम के अनुसार, शहर के कई क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में कचरा एकत्र हो रहा है, जिससे प्रतिदिन उसका समय पर निस्तारण करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। कई बार निगम के वाहन सभी वार्डों में समय पर नहीं पहुंच पाते, जिसके कारण विभिन्न स्थानों पर कूड़े के ढेर लग जाते हैं। नए नियम से कचरा प्रबंधन व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी।
20 दिनों में पूरा होगा सर्वे
नगर निगम सोलन के सफाई निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है और इसे लगभग 20 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे समाप्त होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सभी बड़े संस्थानों को उठानी होगी जिम्मेदारी
इस व्यवस्था के तहत बड़े अपार्टमेंट, हाउसिंग सोसायटी, बाजार और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में ही कचरा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। नगर निगम का मानना है कि इस पहल से शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान होगा और लोगों को स्वच्छ एवं साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा।












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