शिमला, 27 फरवरी 2026: हिमाचल प्रदेश के युवाओं को नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “युवा चेंजमेकर्स – आज के युवा, कल के नेता” की गूँज अब शिक्षण संस्थानों में सुनाई देने लगी है। इसी कड़ी में आज शिमला नर्सिंग कॉलेज, शुराला के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।
क्या है युवा चेंजमेकर्स कार्यक्रम?
माननीय लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के विजन से प्रेरित यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए एक साल की विशेष नेतृत्व फेलोशिप (Leadership Fellowship) है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल कागजी चर्चाओं तक सीमित न रखकर उन्हें धरातल पर सक्रिय रूप से समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है। यह पूरी फेलोशिप “Learning by Doing” (करके सीखना) की अवधारणा पर आधारित है, जहाँ प्रतिभागियों को नेतृत्व क्षमता, सुशासन (Good Governance) और सामुदायिक सहभागिता का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।
कॉलेज परिसर में उत्साह का माहौल
शिमला नर्सिंग कॉलेज, शुराला में आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान कॉलेज के नर्सिंग विद्यार्थियों ने भारी उत्साह दिखाया। कार्यक्रम के उद्देश्यों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीकरण करवाया। विद्यार्थियों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ नेतृत्व कौशल उन्हें एक बेहतर नागरिक और पेशेवर बनाने में मदद करेगा।
गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन
इस अवसर पर “युवा चेंजमेकर्स” टीम की ओर से राजिंदर धीमान, शशि, तरुण राणा एवं राधे उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को फेलोशिप की बारीकियों और भविष्य में मिलने वाले अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कॉलेज प्रबंधन की ओर से माननीय सचिव डॉ. किमी सूद एवं प्राचार्या डॉ. कृष्णा चौहान ने विशेष रूप से कार्यक्रम में शिरकत की। डॉ. सूद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं में ऊर्जा की कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और मंच की आवश्यकता है, जो यह कार्यक्रम बखूबी प्रदान कर रहा है। प्राचार्या डॉ. चौहान ने भी छात्रों के उत्साहवर्धन के लिए टीम का धन्यवाद किया और नर्सिंग क्षेत्र में नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।
सामाजिक और नैतिक विकास पर जोर
“युवा चेंजमेकर्स” कार्यक्रम का मूल लक्ष्य ऐसे युवा नेतृत्व को विकसित करना है जो सामाजिक रूप से जागरूक हों, जिनमें उच्च नैतिक मूल्य हों और जो कर्मठता के साथ देश की सेवा के लिए तत्पर रहें।
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