सोलन: अगले पांच दिनों तक मौसम रहेगा शुष्क, किसानों को सिंचाई और कीट नियंत्रण की सलाह

On: February 17, 2026 5:45 PM
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सोलन कृषि मौसम सलाह 2026 - गेहूं और सेब की फसल की निगरानी करते किसान
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सोलन | कमलेश ठाकुर : ​डॉ. वाई.एस. परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र ने सोलन जिले के किसानों के लिए आगामी पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान और कृषि परामर्श जारी किया है। विभाग के अनुसार, 18 से 22 फरवरी तक क्षेत्र में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए किसानों को फसलों के उचित प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं।

तापमान और हवा की स्थिति

​मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 23.0 से 25.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.0 से 6.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान उत्तर-पूर्व दिशा से 8.7 से 10.4 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और सापेक्ष आर्द्रता 25 से 68 प्रतिशत के बीच रहेगी। फिलहाल जिले के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी (येलो या ऑरेंज अलर्ट) जारी नहीं की गई है।

प्रमुख फसलों के लिए विशेष सलाह

​विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विभिन्न फसलों के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

  • गेहूं: फसल अभी ‘बूटिंग’ या ‘हेडिंग’ अवस्था में है। किसानों को आवश्यकतानुसार सिंचाई करने और पीली रतुआ (Yellow Rust) रोग की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
  • सेब: सेब के बागानों में माइट्स और सैनजोस स्केल के प्रकोप पर नजर रखें। नमी बचाने के लिए पेड़ों के तलों (बेसिन क्षेत्र) में मल्चिंग करने की सलाह दी गई है।
  • मटर व गोभी: मटर की परिपक्व फलियों की तुड़ाई कर बाजार भेजें और फली छेदक कीट की निगरानी करें। गोभी की फसल में भी तुड़ाई की सलाह दी गई है।
  • टमाटर और शिमला मिर्च: किसानों को सलाह दी गई है कि वे इन फसलों की बुवाई के लिए नर्सरी बेड तैयार करना शुरू करें।

पशुपालन और प्राकृतिक खेती

​बदलते मौसम को देखते हुए पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय नवजात पशुओं को टाट के बोरे से ढकें और पशुशालाओं को चारों ओर से बंद रखें ताकि ठंडी हवाओं से बचाव हो सके।

​वहीं, प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को कीट नियंत्रण के लिए साफ मौसम में अग्निअस्त्र, ब्रह्मास्त्र और नीमास्त्र जैसे जैविक अर्क का छिड़काव करने का सुझाव दिया गया है। वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि तेज हवा के दौरान छिड़काव न करें, ताकि दवा का असर प्रभावी रहे और प्रदूषण न फैले।

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Kamlesh Thakur

कमलेश ठाकुर पिछले 3 वर्षों से हिमालयन डॉन मीडिया के साथ बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। उन्हें हिमाचल प्रदेश की स्थानीय खबरों, शिक्षा, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ है। सटीक, विश्वसनीय और तथ्यपरक रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। स्थानीय घटनाओं को पाठकों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी विशेष रुचि है।

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