सिरमौर के उत्पादों को मिलेगी वैश्विक पहचान! लोइया के बाद अब अदरक, लहसुन, आड़ू, प्लम और अखरोट को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी

On: July 10, 2026 8:22 AM
हमें फॉलो करें:
सिरमौर में जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक के दौरान स्थानीय उत्पादों अदरक, लहसुन, आड़ू, प्लम और अखरोट के निर्यात को बढ़ावा देने पर चर्चा।
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

Telegram Group

Join Now

नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के किसानों और बागवानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सिरमौरी ‘लोइया’ को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिलने के बाद अब जिले के अदरक, लहसुन, आड़ू, प्लम और अखरोट जैसे उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है।

उपायुक्त प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला निर्यात संवर्धन समिति (District Export Promotion Committee) की बैठक में स्थानीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने, नए निर्यातकों की पहचान करने, सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं ऑनलाइन बनाने तथा प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

‘पीच वैली’ की पहचान को मिलेगा नया विस्तार
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि राजगढ़ अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आड़ू उत्पादन के कारण देशभर में ‘पीच वैली’ के नाम से प्रसिद्ध है। सिरमौर के कृषि एवं बागवानी उत्पाद गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं हैं और इनमें वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान बनाने की पूरी क्षमता है।

दक्षिण भारत में सिरमौर के लहसुन की जबरदस्त मांग
सिरमौर का लहसुन पहले से ही देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है। इसकी सबसे अधिक मांग तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में रहती है। चेन्नई और बेंगलुरु की बड़ी कृषि मंडियों में सिरमौर के लहसुन को बेहतर गुणवत्ता, स्वाद और लंबे समय तक सुरक्षित रहने की क्षमता के कारण विशेष पसंद किया जाता है। अब निर्यात को बढ़ावा मिलने से इसके अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने की संभावनाएं भी और मजबूत होंगी।

प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग पर रहेगा विशेष फोकस
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग (Processing), वैल्यू एडिशन (Value Addition), आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। इससे किसानों, बागवानों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को बेहतर बाजार मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिरमौर के विशिष्ट उत्पादों को निर्यात योग्य बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि जिले के उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें