नेरवा में सार्वजनिक सड़क पर नमाज़ को लेकर दो समुदायों में तकरार, वीडियो वायरल होने से बढ़ी सनसनी

On: April 3, 2026 7:23 PM
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शिमला-सिरमौर बॉर्डर के नेरवा में सड़क पर नमाज़ और ट्रैफिक जाम के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच विवाद का ग्राफिकल चित्रण।
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के शिमला और सिरमौर जिलों की सीमा पर स्थित नेरवा क्षेत्र में बीते गुरुवार को उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब एक विशेष समुदाय द्वारा मुख्य सड़क पर नमाज़ पढ़ने का मामला सामने आया। इस घटना ने न केवल यातायात को ठप कर दिया, बल्कि दो पक्षों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी का रूप ले लिया।

​मुख्य विवाद और घटनाक्रम

​सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 32 सेकंड के एक वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि सड़क के बीचों-बीच नमाज़ अदा की जा रही है। मौके पर मौजूद सिरमौर के शिलाई क्षेत्र के युवाओं ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद माहौल गरमा गया। विरोध कर रहे युवाओं का तर्क था कि सार्वजनिक संपत्ति और सड़क का उपयोग धार्मिक कार्यों के लिए करना आम जनता के अधिकारों का हनन है।

​जाम में फंसे रहे यात्री

​सड़क पर अचानक भीड़ जुटने और नमाज़ शुरू होने से क्षेत्र में ट्रैफिक जाम लग गया। पहाड़ों के संकरे रास्तों पर वाहनों के पहिये थमने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। विवाद बढ़ने पर दूसरे पक्ष की ओर से देशभक्ति के नारे भी लगाए गए, जिससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

​पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी

​मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। एसपी शिमला, गौरव सिंह ने आधिकारिक तौर पर बताया कि:

  • ​पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की और स्थिति को शांत कराया।
  • ​हालाँकि शुरुआती विरोध तीखा था, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं की है।
  • ​क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस निगरानी रख रही है।

​संवैधानिक मर्यादा और नियम

​कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, संविधान का अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता तो देता है, लेकिन यह ‘लोक व्यवस्था’ (Public Order) के अधीन है। किसी भी सार्वजनिक स्थल या मार्ग को बिना प्रशासनिक अनुमति के बाधित करना नियम विरुद्ध है।

​प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी भड़काऊ सामग्री को साझा न करें और क्षेत्र में आपसी सौहार्द बनाए रखें।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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