हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि पर भड़की SFI, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

On: April 8, 2026 4:26 PM
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HPU शिमला में फीस वृद्धि के खिलाफ SFI छात्रों का धरना प्रदर्शन
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शिमला | हिमालयन डॉन, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) प्रशासन द्वारा फीस में की गई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने मोर्चा खोल दिया है। विश्वविद्यालय इकाई ने इस निर्णय को “छात्र विरोधी” करार देते हुए परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

क्या है विवाद की जड़?

​एसएफआई पदाधिकारियों के अनुसार, 28 मार्च 2026 को आयोजित कार्यकारी परिषद (EC) की बैठक में फीस बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। संगठन ने आंकड़ों के साथ विरोध दर्ज कराते हुए बताया कि:

  • ​विश्वविद्यालय स्तर पर: फीस में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
  • ​संबद्ध महाविद्यालय (Colleges): कॉलेजों में यह बढ़ोतरी विश्वविद्यालय से भी कहीं अधिक है।
  • ​परीक्षा शुल्क: इसमें लगभग 40 प्रतिशत का भारी इजाफा किया गया है, जो छात्रों की कमर तोड़ने वाला है।

छात्रों का पक्ष: “शिक्षा से दूर होगा गरीब वर्ग”

​प्रदर्शन के दौरान एसएफआई के अध्यक्ष योगराज सिंघानिया और सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि इस आर्थिक बोझ के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के दरवाजे बंद हो जाएंगे। संगठन का आरोप है कि विश्वविद्यालय अपने मूल उद्देश्य ‘सस्ती और सुलभ शिक्षा’ से भटक गया है।

​“विश्वविद्यालय प्रशासन हर साल छात्रों से करीब 90 करोड़ रुपये फीस के रूप में वसूलता है, फिर भी छात्रों को न तो बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं और न ही पर्याप्त कक्षाएं।” — एसएफआई नेतृत्व

प्रशासन का तर्क: “बजट कटौती बनी मजबूरी”

​दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना बचाव करते हुए तर्क दिया है कि प्रदेश सरकार से मिलने वाले बजट में निरंतर कटौती हो रही है। प्रशासन के अनुसार, आय के वैकल्पिक स्रोत बढ़ाने के लिए फीस में वृद्धि करना उनकी मजबूरी बन गई है। हालांकि, छात्र संगठन ने इस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

​आगामी रणनीति

​प्रदर्शन के अंत में “इंकलाब जिंदाबाद” के नारों के साथ छात्रों ने अपना रोष प्रकट किया। एसएफआई ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि यह जनविरोधी निर्णय वा५पस नहीं लिया गया, तो संगठन पूरे प्रदेश के छात्रों को लामबंद करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े आंदोलन और उससे उत्पन्न होने वाली परिस्थिति की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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