सोलन: शूलिनी विवि के छात्र नितिन की सुसाइड मिस्ट्री: ‘मम्मी-पापा अपना ख्याल रखना’ कह दुनिया छोड़ गया घर का इकलौता चिराग

On: April 2, 2026 12:32 PM
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शूलिनी यूनिवर्सिटी के छात्र नितिन चौहान की आत्महत्या और परिजनों का विरोध - हिमालयन डॉन न्यूज।
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सोलन: हिमालयन डॉन, हिमाचल प्रदेश के प्रमुख निजी शिक्षण संस्थान शूलिनी विश्वविद्यालय के एक छात्र द्वारा आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एमबीए की पढ़ाई कर रहे नितिन चौहान ने फंदा लगाने से पहले अपने माता-पिता को फोन कर जो अंतिम शब्द कहे, वे अब पूरे क्षेत्र को झकझोर रहे हैं। नितिन ने फोन पर कहा था— “मम्मी-पापा अपना ख्याल रखना” और इसके बाद उसने मौत को गले लगा लिया।

परिजनों का आरोप: प्रताड़ना और जॉब प्लेसमेंट के नाम पर धोखा

बुधवार को नितिन के घर पर शुद्धि संस्कार की रस्म के दौरान माहौल गमगीन रहा। इस दौरान नितिन के पिता कल्याण सिंह चौहान और माता प्रोमिला चौहान ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। पिता का कहना है कि विश्वविद्यालय में उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

मुख्य आरोप:

  • प्लेसमेंट का झांसा: परिजनों के अनुसार, नितिन को ₹50,000 प्रति माह के पैकेज का वादा कर एक कंपनी में भेजा गया था, लेकिन वहां उससे साफ-सफाई और पोछा लगवाया गया।
  • शोषण: उसे मात्र ₹25,000 सैलरी दी गई और रात के ढाई-ढाई बजे तक काम करवाया जाता था।
  • सुसाइड नोट में जिक्र: नितिन ने अपने सुसाइड नोट में ‘अवनी’ नाम की एक फैकल्टी/मैम का जिक्र किया है, जो उसे लगातार परेशान कर रही थी। माता प्रोमिला चौहान ने बताया कि नितिन कई बार फोन पर अपनी आपबीती सुनाता था।

प्रबंधन के सामने गुहार, पर नहीं मिली मदद

परिजनों का दावा है कि जब नितिन ने इस शोषण और तनाव के बारे में विश्वविद्यालय प्रबंधन को सूचित किया और मदद मांगी, तो वहां उसकी सुनने के बजाय उसे और अधिक प्रताड़ित किया गया। इसी तनाव और धोखे के चलते घर के इकलौते बेटे ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

विश्वविद्यालय प्रबंधन की उपस्थिति और जांच की मांग

बुधवार को शुद्धि संस्कार के दौरान शूलिनी विश्वविद्यालय के करीब आठ प्रतिनिधि भी नितिन के घर मौजूद रहे। वहीं, परिजनों ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच चाहते हैं ताकि भविष्य में किसी और छात्र के साथ ऐसा न हो।

पुलिस अब छात्र के सुसाइड नोट और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह मामला निजी विश्वविद्यालयों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और प्लेसमेंट के नाम पर हो रहे कथित शोषण पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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