कमला नेहरू अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन का लाभ सभी महिलाओं को मिले, गायनी ओपीडी वापस लाई जाए: जनवादी महिला समिति

On: July 10, 2026 4:54 PM
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जनवादी महिला समिति की जिला सचिव सोनिया शबरवाल कमला नेहरू अस्पताल में गायनी ओपीडी और नई अल्ट्रासाउंड मशीन का लाभ सभी महिलाओं को देने की मांग उठाते हुए।
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शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति जिला कमेटी ने कमला नेहरू अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन का लाभ सभी मरीज महिलाओं को उपलब्ध कराने और गायनी ओपीडी को आईजीएमसी से वापस कमला नेहरू अस्पताल स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि इन मांगों को लेकर वह लंबे समय से संघर्ष कर रही है।

समिति की जिला सचिव सोनिया शबरवाल ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जिला कमेटी कई वर्षों से कमला नेहरू अस्पताल से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन करती रही है। हाल ही में गायनी ओपीडी को आईजीएमसी स्थानांतरित किए जाने और कमला नेहरू अस्पताल को बचाने की मांग को लेकर महिला समिति ने लगातार दो महीने तक आंदोलन किया था। इसके अलावा इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया गया।

उन्होंने कहा कि आंदोलन के बाद अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन का उद्घाटन किया गया था, ताकि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। लेकिन वर्तमान में यह मशीन केवल अस्पताल में भर्ती महिलाओं के लिए ही उपयोग की जा रही है।

सोनिया शबरवाल ने बताया कि गायनी ओपीडी आईजीएमसी में होने के बावजूद ओबीजी संबंधी जांच के लिए महिलाओं को फिर कमला नेहरू अस्पताल भेजा जा रहा है। वहां डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड लिखे जाने पर महिलाओं को या तो निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता है या फिर दोबारा आईजीएमसी जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ओपीडी में आने वाली महिलाओं का अल्ट्रासाउंड अभी भी पुरानी मशीन से किया जा रहा है, जो पुरानी होने के कारण प्रतिदिन केवल लगभग 40 अल्ट्रासाउंड ही कर पाती है।

उन्होंने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल से आईजीएमसी तक आने-जाने के लिए महिलाओं को निजी टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन्हें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

महिला समिति ने प्रशासन से मांग की है कि गायनी ओपीडी को आईजीएमसी से वापस कमला नेहरू अस्पताल लाया जाए तथा नई अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग सभी मरीज महिलाओं के लिए सुनिश्चित किया जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं और गायनी संबंधी बीमारियों से पीड़ित महिलाओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

यह मांग अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला सचिव सोनिया शबरवाल और जिला कोषाध्यक्ष रमा रावत की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में उठाई गई है।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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