शिमला | हिमालयन डॉन, हिमाचल प्रदेश में अब सरकारी नौकरी पाने से पहले युवाओं को ड्रग टेस्ट से गुजरना होगा। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने सभी सरकारी भर्तियों में जॉइनिंग से पहले ड्रग टेस्ट अनिवार्य करने के आदेश दिए हैं। यह टेस्ट अब भर्ती प्रक्रिया के मेडिकल परीक्षण का हिस्सा बनेगा। सरकार के इस फैसले को चिट्टे और नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रशासनिक सचिवों के साथ हुई अहम बैठक में कार्मिक विभाग को निर्देश दिए कि सभी विभागों के लिए जल्द नई गाइडलाइन जारी की जाए। सरकार का साफ संदेश है कि नशे के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी।
नशे में पकड़े गए कर्मचारियों पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री ने उन सरकारी कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की, जो चिट्टा तस्करी या नशे से जुड़े मामलों में पकड़े गए थे। जानकारी के अनुसार पुलिस जवानों समेत 37 कर्मचारियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि 92 अन्य मामलों में कार्रवाई प्रक्रिया जारी है। जिन विभागों ने अभी तक कार्रवाई पूरी नहीं की है, उन्हें जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जून में नई भर्तियों का बड़ा ऐलान संभव
बैठक में खाली पड़े सरकारी पदों को भरने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी जल्द कार्मिक विभाग को भेजने को कहा है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनावों की आचार संहिता खत्म होने के बाद जून महीने में सरकार नई भर्तियों को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है। इससे प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्लास-फोर पेंशनरों को राहत
प्रदेश सरकार ने क्लास-फोर पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों के लंबित एरियर भुगतान के लिए 110 करोड़ रुपए जारी किए हैं। वित्त विभाग ने ट्रेजरी अधिकारियों और विभागों को भुगतान जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के इस फैसले के बाद अब हिमाचल में सरकारी नौकरी पाने के लिए सिर्फ योग्यता ही नहीं, बल्कि नशामुक्त होना भी जरूरी होगा।
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