12 फरवरी को फिर जुटेगी सुक्खू कैबिनेट, RDG संकट पर बड़े फैसलों की तैयारी

On: February 9, 2026 7:11 PM
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हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कैबिनेट बैठक शिमला
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शिमला | हिमालयन डॉन ब्यूरो

हिमाचल प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से 12 फरवरी का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने से उत्पन्न वित्तीय संकट पर चर्चा के लिए 12 फरवरी को सुबह 11 बजे मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।

इस बैठक में RDG समाप्त होने से राज्य की वित्तीय सेहत पर पड़े असर, आगामी बजट की दिशा और नए वित्तीय संसाधन जुटाने की रणनीति पर विस्तार से मंथन होगा।

RDG बंद होने से बजट पर 12.7% तक असर

वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार, RDG बंद होने का सीधा प्रभाव राज्य के आगामी बजट पर पड़ेगा। मौजूदा वित्तीय वर्ष में हिमाचल प्रदेश का बजट लगभग 58,514 करोड़ रुपये है, जो घटकर करीब 45 हजार करोड़ रुपये तक आ सकता है। यह गिरावट लगभग 12.7 प्रतिशत आंकी जा रही है।

इसका असर न सिर्फ विकास योजनाओं पर बल्कि कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए और एरियर भुगतान पर भी पड़ सकता है।

आय-व्यय संतुलन सरकार के लिए बड़ी चुनौती

राज्य सरकार की अपनी आय करीब 18 हजार करोड़ रुपये है, जबकि केंद्रीय करों से लगभग 13,950 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वहीं, ऋण लेने की सीमा 10 हजार करोड़ रुपये तय है, जिसमें से 3 हजार करोड़ रुपये पुराने कर्ज की अदायगी में खर्च हो जाएंगे।

ऐसे में वित्तीय अंतर को पाटने के लिए सरकार को कड़े और व्यावहारिक निर्णय लेने पड़ सकते हैं।

केंद्र से राहत की कोशिश, PM से मिलने की तैयारी

मुख्यमंत्री सुक्खू इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से राहत दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए विपक्षी भाजपा से भी सहयोग मांगा है। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल के प्रधानमंत्री से मिलने की संभावना जताई जा रही है।

16 फरवरी से विधानसभा सत्र, अभिभाषण पर भी लगेगी मुहर

16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले कैबिनेट बैठक में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के मसौदे को भी मंजूरी दी जा सकती है। माना जा रहा है कि राज्यपाल के अभिभाषण में RDG बंद होने से उपजे वित्तीय हालात का उल्लेख प्रमुखता से होगा।

नए संसाधनों की तलाश, अप्रिय फैसलों के संकेत

वित्तीय संकट के बीच सरकार कर संग्रह बढ़ाने, व्यय नियंत्रण और वित्तीय पुनर्संरचना जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में सरकार को कुछ अप्रिय लेकिन आवश्यक फैसले लेने पड़ सकते हैं।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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