धर्मशाला | 9 फरवरी 2026, हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागबानों को मौसम की सटीक और समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में तीन स्थानों पर डॉप्लर वेदर राडार (DWR) स्थापित किए गए हैं। यह जानकारी केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा सांसद सुश्री इंदु बाला गोस्वामी को संसद में दी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कुफरी, चंबा जिले के जोत तथा मंडी जिले के मुरारी देवी में डॉप्लर वेदर राडार लगाए गए हैं। ये राडार ग्राउंड आधारित रिमोट सेंसिंग तकनीक से वायुमंडलीय गतिविधियों पर नजर रखते हैं।
उन्होंने कहा कि डॉप्लर वेदर राडार बादलों की गति और परिक्रमण का अध्ययन कर बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि, आंधी-तूफान जैसी मौसमीय घटनाओं की स्थिति, तीव्रता और दिशा की रियल टाइम जानकारी प्रदान करते हैं। इससे किसानों और बागबानों को फसलों की सुरक्षा के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी।
‘मिशन मौसम’ से मिलेगी अग्रिम चेतावनी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि खराब मौसम से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए मंत्रालय ने ‘मिशन मौसम’ लॉन्च किया है। इसके तहत किसानों और आम लोगों को आंधी, तूफान, चक्रवात जैसी परिस्थितियों की पहले से चेतावनी दी जाती है।
देशभर में 47 डॉप्लर वेदर राडार
उन्होंने संसद को बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में कुल 47 डॉप्लर वेदर राडार कार्यरत हैं।
मोबाइल अलर्ट से मिलेगी जानकारी
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मौसम की भविष्यवाणी और चेतावनियां मोबाइल अलर्ट के माध्यम से जारी की जा रही हैं। यह जानकारी राज्यों के साथ भी साझा की जाती है ताकि आम जनता तक समय रहते सूचना पहुंचाई जा सके।
आपदा प्रबंधन एजेंसियों से समन्वय
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और सी-डॉट के सहयोग से भारी बारिश, बर्फबारी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि, आंधी-तूफान और धूल भरी आंधी की पूर्व चेतावनियां राज्यों की स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी को भेजी जाती हैं, जिससे जनहानि और नुकसान को कम किया जा सके।
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