शिमला: हिमाचल प्रदेश में नशा (चिट्टा) और ड्रग्स की बढ़ती समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य पुलिस विभाग ने एक कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब पुलिस विभाग में भर्ती होने वाले नए कांस्टेबलों को अपनी जॉइनिंग से पहले एक विशेष शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा। इस शपथ पत्र में उन्हें स्पष्ट रूप से यह वचन देना होगा कि— “मैं न तो चिट्टा (ड्रग्स) का सेवन करूँगा और न ही इसकी बिक्री में शामिल रहूँगा।”
बिना शपथ पत्र नहीं मिलेगा नियुक्ति पत्र
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, नवनियुक्त अभ्यर्थियों को 100 रुपये के नॉन-जुडिशियल स्टाम्प पेपर पर यह शपथ पत्र लिखकर देना अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। बिना इस कानूनी दस्तावेज के किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) जारी नहीं किया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया और ट्रेनिंग का शेड्यूल
हिमाचल प्रदेश पुलिस में वर्तमान में 1226 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने ट्रेनिंग और नियुक्ति की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है:
- 28 जनवरी: सभी चयनित अभ्यर्थियों को पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) डरोह में रिपोर्ट करना होगा। इस दौरान उनके दस्तावेजों का अंतिम सत्यापन (Verification) किया जाएगा।
- 31 जनवरी: सफलतापूर्वक दस्तावेज जमा करने और शपथ पत्र देने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
- 1 फरवरी 2026: इस तारीख से विधिवत रूप से प्रशिक्षण (Training) शुरू हो जाएगा।
कहाँ होगी ट्रेनिंग?
प्रशिक्षण की कुल अवधि 9 महीने निर्धारित की गई है। पुरुष आरक्षियों की ट्रेनिंग पीटीसी डरोह (कांगड़ा) में होगी, जबकि महिला आरक्षियों को पीटीसी पंडोह (मंडी) में प्रशिक्षित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इस पहल से पुलिस बल में नैतिकता और अनुशासन बढ़ेगा और जनता के बीच पुलिस की छवि और अधिक विश्वसनीय होगी।
