शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में एक नई आवश्यक औषधि सूची (Essential Drugs List – EDL) तैयार की जाए, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
सीधे निर्माताओं से होगी खरीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई दवा सूची की समीक्षा एक उच्च स्तरीय समिति करेगी। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव दवाओं की खरीद प्रक्रिया में किया गया है। अब राज्य सरकार बिचौलियों के बजाय सीधे दवा निर्माता कंपनियों (Manufacturers) से दवाएं खरीदेगी। इससे न केवल दवाओं की आपूर्ति में होने वाली देरी समाप्त होगी, बल्कि सप्लाई चेन में पारदर्शिता भी आएगी और सीधी खरीद से सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा और दवाओं की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित होगी।
क्वालिटी चेक के लिए मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे ‘स्पेशल सेल’
मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने दवाओं की सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच (Quality Testing) को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राज्य के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में एक समर्पित सेल (Dedicated Cell) स्थापित किया जाएगा। प्रथम चरण में IGMC शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में ये सेल शुरू होंगे। इन सेल्स को आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित स्टाफ और आवश्यक ट्रेनिंग सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी।
दवा कंपनियों पर कड़ाई: शेड्यूल-एम (Schedule-M) का पालन अनिवार्य
हिमाचल प्रदेश, जो कि एशिया का ‘फार्मा हब’ माना जाता है, वहां निर्मित दवाओं की साख बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी दवा कंपनियों में ‘औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम, 1945’ की अनुसूची-एम (Schedule-M) के प्रावधानों को कड़ाई से लागू किया जाए।
“मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिमाचल में निर्मित दवाओं की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।” — ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
मंगलवार देर शाम हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, विशेष सचिव अश्विनी कुमार, आयुष निदेशक निपुण जिंदल, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. राकेश शर्मा और स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. गोपाल बेरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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