शिमला, 03 फरवरी, 2026: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के वित्तीय हितों को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (HPSEDC) के निदेशक मंडल की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय (Salary) अब प्रत्येक माह की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से जारी किया जाए।
कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर वेतन का भुगतान करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी और प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे कर्मचारियों को अपने घरेलू खर्चों और दैनिक जरूरतों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की वित्तीय कठिनाई न झेलनी पड़े।
निगम का बदला नाम और नया लक्ष्य
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निगम के नाम में परिवर्तन को स्वीकृति दी गई। अब इसे ‘हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैनपावर एवं ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट कॉरपोरेशन’ के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि निगम अब राज्य के युवाओं को न केवल प्रदेश में, बल्कि विदेशों में भी रोजगार दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
वित्तीय प्रदर्शन और टर्नओवर
समीक्षा बैठक में निगम की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत पाई गई:
- 2024-25 का शुद्ध लाभ: ₹18 करोड़ (₹300 करोड़ टर्नओवर पर)।
- वर्तमान वित्त वर्ष (31 दिसंबर 2025 तक): ₹199.25 करोड़ का कारोबार।
टेंडर शुल्क में संशोधन
प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने तकनीकी शुल्क को री-स्ट्रक्चर करने को कहा है। अब 5 करोड़ रुपये तक के टेंडरों पर 5 प्रतिशत, जबकि 10 करोड़ से अधिक के बड़े टेंडरों पर मात्र 2 प्रतिशत तकनीकी शुल्क लिया जाएगा।
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