शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में ब्रिटेन से एक दंपती अपने पूर्वजों का रिकॉर्ड खोजने पहुंचा। अंग्रेजों के समय ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे इस शहर में ब्रिटिश अधिकारियों और उनके परिवारों के जन्म, विवाह और मृत्यु से जुड़े ऐतिहासिक अभिलेख आज भी सुरक्षित हैं।
सोमवार को यूनाइटेड किंगडम से आए दंपती ने अपनी दादी के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम शिमला में आवेदन दिया। आवेदकों ने बताया कि उनकी दादी ब्रिटिश शासनकाल के दौरान सेना में कार्यरत थीं और बर्मा अभियान में भी शामिल रही थीं।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में नहीं मिला दस्तावेज
नगर निगम प्रशासन ने पहले ऑनलाइन अभिलेखों की जांच की, लेकिन संबंधित मृत्यु प्रमाणपत्र का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने पुराने रजिस्टरों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की, परंतु वहां भी प्रमाणपत्र का उल्लेख नहीं मिला।
म्यांमार में होने की संभावना
दंपती के अनुसार उनकी दादी का सेवा रिकॉर्ड बर्मा अभियान से जुड़ा रहा है, इसलिए संभावना है कि संबंधित दस्तावेज म्यांमार में उपलब्ध हो सकता है। अब वे वहां रिकॉर्ड की तलाश करेंगे।
भविष्य में रिकॉर्ड मिलने पर दी जाएगी सूचना
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त भूवन शर्मा ने अधिकारियों को पुराने अभिलेखों की गहन जांच के निर्देश दिए। निगम प्रशासन ने दंपती को आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में संबंधित रिकॉर्ड मिलता है तो उन्हें सूचित किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि शिमला में ब्रिटिश काल से जुड़े जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों की मांग लगातार बनी रहती है और विदेशों से लोग अपने पूर्वजों की जानकारी के लिए यहां पहुंचते हैं।
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