हिमालयन डॉन संवाददाता, शिमला | हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ‘स्कूल कॉम्प्लेक्स’ प्रणाली को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने निर्णय लिया है कि जिन प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है या जो स्कूल शिक्षक विहीन हैं, वहां अब टीजीटी (TGT), सीएंडवी (C&V) और प्रवक्ताओं (Lecturers) की सेवाएं अनिवार्य रूप से ली जाएंगी।
शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने इस संबंध में प्रदेश के सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के प्रधानाचार्यों और कॉम्प्लेक्स प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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निदेशालय के संज्ञान में आया है कि कई स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रमुख पहले जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। बिना शिक्षक वाले प्राथमिक स्कूलों में उच्च या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से स्टाफ की डेपुटेशन नहीं की जा रही है, जिसे विभाग ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है।
- नियम: यदि किसी प्राथमिक स्कूल में दो जेबीटी शिक्षक हैं और छात्र संख्या 15 से अधिक है, तो वहां से डेपुटेशन नहीं होगा।
- प्राथमिकता: शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर स्टाफ मुहैया कराया जाएगा।
मैनेजमेंट पर उठे सवाल: पीटीआर बेहतर, फिर भी कमी क्यों?
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल में शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR) देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी बेहतर है।
- प्राथमिक स्तर पर 12:1
- मिडिल में 7:1
- हाई स्कूल में 8:1
- सीनियर सेकेंडरी में 11:1
निदेशक ने कहा कि इस बेहतर अनुपात के बावजूद स्कूलों में शिक्षकों की कमी होना केवल खराब प्रबंधन का नतीजा है। अब यदि कोई प्राथमिक स्कूल बिना शिक्षक के पाया गया, तो इसके लिए संबंधित क्लस्टर/कॉम्प्लेक्स के प्रिंसिपल सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे।
पीईटी भर्ती: 3 और 4 जून को जिलों में होगी बैचवाइज काउंसलिंग
प्रदेश के युवाओं के लिए राहत की खबर है। शारीरिक शिक्षकों (PET) के रिक्त पड़े 355 पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शिक्षा निदेशालय ने 3 और 4 जून 2026 को सभी जिला उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) कार्यालयों में बैचवाइज काउंसलिंग आयोजित करने का फैसला लिया है।
मुख्य शर्तें एवं योग्यता:
- गृह जिला अनिवार्य: अभ्यर्थी केवल अपने गृह जिले में ही काउंसलिंग दे सकेंगे। अन्य जिलों के आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
- वरीयता (Preference): काउंसलिंग के समय स्कूलों की चॉइस भरनी होगी, जिसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा।
- शैक्षणिक योग्यता: * 12वीं (50%) के साथ 2 वर्षीय डीपीएड (D.P.Ed) या
- 50% अंकों के साथ बीपीएड (B.P.Ed) डिग्री।
- राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को अंकों में 5% की छूट दी जाएगी।
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