हिमालयन डॉन संवाददाता, सोलन | जिले में आगामी दिनों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने वाला है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी के साथ फसलों और बागवानी पर असर पड़ सकता है। डॉ. वाई. एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौनी के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 29 अप्रैल 2026 तक के लिए जारी कृषि मौसम सलाह (Agromet Advisory) में यह पूर्वानुमान जताया गया है।
तापमान और मौसम का रुख
विशेषज्ञों के अनुसार, इस अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। उत्तर-पश्चिम दिशा से 9 से 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जबकि सापेक्ष आर्द्रता 11 से 45 प्रतिशत तक रहने की संभावना है। शुष्क मौसम के चलते मिट्टी की नमी तेजी से कम हो सकती है।
किसानों और बागवानों के लिए एडवाइजरी
मौसम विशेषज्ञों ने फसलों की सुरक्षा और उत्पादन बनाए रखने के लिए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है—
सब्जी और बागवानी फसलें: टमाटर, शिमला मिर्च व नव-रोपित पौधों की क्यारियों में 10 सेंटीमीटर मोटी मल्च (सूखी घास/पत्तियां) बिछाने की सलाह दी गई है, ताकि नमी बनी रहे। सिंचाई सुबह या शाम के समय ही करें।
सेब व गुठलीदार फल: थ्रिप्स और माइट्स की नियमित निगरानी करें। कीट दिखाई देने पर 10 मि.ली. प्रति लीटर पानी में हॉर्टिकल्चरल मिनरल ऑयल का छिड़काव करें।
गर्मी की सब्जियों की बुवाई: भिंडी, खीरा, कद्दू और फ्रेंच बीन्स की बुवाई के लिए यह समय अनुकूल माना गया है।
लहसुन की फसल: कटाई से 10–15 दिन पहले सिंचाई रोक दें और जब 50% गर्दन झुक जाए (नेक फॉल), तब कटाई करें।
पशुपालन और प्राकृतिक खेती पर फोकस
दुधारू पशुओं को संतुलित आहार देने पर भी जोर दिया गया है। पशुओं को धान के भूसे के साथ कैल्शियम सप्लीमेंट देने और हरा चारा (बरसीम, जई) खिलाने की सलाह दी गई है, ताकि दूध उत्पादन बढ़े और अफारा जैसी समस्याओं से बचाव हो सके।
प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को कीट नियंत्रण के लिए अग्निअस्त्र, ब्रह्मास्त्र या नीमास्त्र का 3% घोल बनाकर साप्ताहिक छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
पड़ोसी जिलों में मौसम का असर
हालांकि सोलन में कोई गंभीर चेतावनी नहीं है, लेकिन शिमला और सिरमौर में 26 और 29 अप्रैल को गरज के साथ 40–50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मोबाइल ऐप से लें अपडेट
किसानों को मौसम की सटीक जानकारी के लिए Meghdoot और Damini मोबाइल ऐप का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।
आने वाले पांच दिन सोलन के किसानों के लिए सावधानी भरे रहेंगे। समय पर सिंचाई, मल्चिंग और कीट नियंत्रण अपनाकर फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता है।
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