हिमाचल: घोषणाओं में उलझी सरकार, धरातल पर विकास शून्य, चौथे बजट से पहले डॉ. राजीव बिंदल का तीखा हमला

On: March 18, 2026 6:45 PM
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में आगामी बजट सत्र से पहले सियासी पारा गरमा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे “विफलताओं का कार्यकाल” करार दिया है। बिंदल ने कहा कि सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में प्रवेश कर रही है, लेकिन पिछले तीन बजटों की घोषणाएं आज भी फाइलों में दबी हुई हैं।

​45,000 करोड़ का कर्ज, फिर भी जनता बेहाल

​डॉ. बिंदल ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछले तीन वर्षों में लगभग ₹45,000 करोड़ का भारी-भरकम कर्ज लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विशाल राशि के बावजूद प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं।

​”जनता यह जानना चाहती है कि आखिर यह ₹45,000 करोड़ कहां खर्च हुए? न युवाओं को रोजगार मिला, न विकास को गति। सरकार केवल कर्ज लेकर बोझ बढ़ा रही है।” – डॉ. राजीव बिंदल

​अधूरी गारंटियों और वादों पर घेरा

​भाजपा अध्यक्ष ने 2022 के चुनाव घोषणापत्र (प्रतिज्ञा पत्र) का जिक्र करते हुए सरकार को उसकी ‘गारंटियों’ की याद दिलाई:

  • ​रोजगार का संकट: पहली कैबिनेट में 1 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा महज कागजी साबित हुआ।
  • ​महिला सम्मान राशि: 28 लाख महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने की गारंटी अभी भी प्रदेश की अधिकांश महिलाओं की पहुंच से दूर है।
  • ​ठप विकास: किसान, बागवान और बेरोजगार युवा आज सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं।

​महंगाई और आर्थिक बोझ की मार

​डॉ. बिंदल ने सरकार पर जनता की जेब काटने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार कर्ज ले रही है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पर टैक्स और महंगाई का बोझ लादा जा रहा है। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर सरकार को घेरा:

क्षेत्रवृद्धि/प्रभाव
ईंधनडीजल पर वैट (VAT) में बढ़ोतरी
परिवहनHRTC बसों के किराए में वृद्धि
उपयोगिताबिजली और पेयजल की दरों में भारी बढ़ोतरी
निर्माणसीमेंट के दामों और स्टाम्प ड्यूटी में इजाफा

‘चौथे बजट में जवाब दे सुखू सरकार’

​बिंदल ने कहा कि यह सरकार का चौथा और महत्वपूर्ण बजट है। प्रदेश की जनता अब केवल नई घोषणाएं नहीं, बल्कि पिछले तीन वर्षों का हिसाब चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सरकार की प्रशासनिक विफलता है या इच्छाशक्ति की कमी, जिसके कारण बजटीय योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पाईं।

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Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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