शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से आज लोक भवन में प्रदेश के प्रमुख विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और यूएई-भारत की विशेष दूत (Special Envoy) कनिका चौधरी ने शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने, शोध कार्यों को गति देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश की संभावनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. महावीर सिंह और डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने राज्यपाल को अपने-अपने संस्थानों में चल रही शैक्षणिक व विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को अवगत कराया कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इस मौके पर राज्यपाल ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जीवन मूल्यों, कौशल विकास और शोध आधारित शिक्षा से ही युवाओं का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
इसी क्रम में यूएई और भारत में विशेष दूत कनिका चौधरी ने भी राज्यपाल से भेंट कर भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के मध्य व्यापार, निवेश और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। राज्यपाल ने भारत और यूएई के प्रगाढ़ होते संबंधों की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन, बागवानी और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने वैश्विक संबंधों को मजबूत करने और ज्ञान के आदान-प्रदान पर बल देते हुए आशा व्यक्त की कि इस तरह के संवाद से राज्य में आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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