शिमला में पर्यटकों की सुरक्षा और स्वच्छता पर सीएम सुक्खू सख्त: वेंडरों के लिए जारी किए नए दिशा-निर्देश

On: January 11, 2026 6:28 PM
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शिमला में पर्यटकों की सुरक्षा और स्वच्छता पर सीएम सुक्खू सख्त
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राजधानी शिमला की गरिमा और पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। शनिवार देर शाम माल रोड और शहर के प्रमुख स्थलों का औचक निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने नगर निगम और संबंधित विभागों को पर्यटकों की सुविधा, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और कीमतों पर रहेगी कड़ी नजर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से किसी भी वस्तु या खाद्य पदार्थ के लिए निर्धारित दरों से अधिक दाम वसूलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • नियमों की सख्ती: स्वास्थ्य सुरक्षा निदेशालय और खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा तय मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
  • स्वच्छता मानक: मुख्यमंत्री ने वेंडरों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि शहर की छवि पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’: कचरा प्रबंधन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल की पहचान वहां की स्वच्छता से होती है। उन्होंने कूड़े-कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए बनाए गए नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा है।

  • सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम: शहरी क्षेत्रों में जन सेवाओं में सुधार के लिए ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ अभियान के तहत दूसरे चरण की शुरुआत की गई है।
  • समावेशी विकास: सरकार शहरीकरण की चुनौतियों को देखते हुए टिकाऊ विकास की दिशा में काम कर रही है।

छोटे दुकानदारों के लिए बड़ी राहत (One-Time Settlement Scheme)

प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे छोटे दुकानदारों के हित में एक मानवीय निर्णय लिया है:

  1. 1 लाख तक का ऋण: जिन दुकानदारों का 1 लाख रुपये तक का कर्ज बकाया है और बैंक ने उन्हें NPA (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) घोषित कर दिया है, उन्हें एकमुश्त भुगतान की सुविधा दी जाएगी।
  2. 1 से 2 लाख तक का ऋण: इस श्रेणी के दुकानदारों को भी 1 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी।

डिजिटल गवर्नेंस: ‘नागरिक सेवा मंच’ और डिजिटल डोर प्लेट

शहरी शासन में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:

  • ऑनलाइन सेवाएं: नागरिक सेवा मंच के माध्यम से अब तक 18 ऑनलाइन सेवाएं (9 पहले चरण में, 9 दूसरे चरण में) शुरू की जा चुकी हैं। अब तक 2.5 लाख से अधिक लोग इस पर पंजीकरण करा चुके हैं।
  • विशिष्ट पहचान: ‘डिजिटल डोर प्लेट’ के माध्यम से शहर के हर घर को एक यूनिक डिजिटल आईडी दी जा रही है। इससे नागरिक सेवाओं की डिलीवरी आसान होगी और जवाबदेही तय होगी।

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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