सोलन। सोलन जिले में अगले पांच दिनों तक मौसम बदलता रहेगा। 12 से 16 सितंबर के बीच जिले के ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान करीब 2 से 5 मिलीमीटर बारिश हो सकती है।
इस दौरान अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने सोलन जिले के लिए फिलहाल कोई विशेष मौसम अलर्ट जारी नहीं किया है।
डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी और भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से किसानों और बागवानों के लिए मौसम को देखते हुए जरूरी सलाह जारी की गई है।
रबी फसलों की तैयारी शुरू करें
किसानों को रबी सीजन की फसलों की बुवाई के लिए खेत तैयार करने की सलाह दी गई है। किसान खेतों में क्यारियां तैयार करने का काम शुरू कर सकते हैं।
सेब बागवान रखें विशेष ध्यान
बादल छाए रहने और ज्यादा नमी की स्थिति में सेब के बागानों में रासायनिक दवाओं का छिड़काव न करें। बारिश के दौरान और बारिश के तुरंत बाद सेब की तुड़ाई भी रोकने की सलाह दी गई है।
बागानों में रोग फैलने से रोकने के लिए रोगग्रस्त और गिरे हुए फलों को तुरंत हटाकर नष्ट करें।
सब्जियों की फसलों के लिए भी सलाह
किसानों को साफ मौसम में पालक की बुवाई करने की सलाह दी गई है। इसके लिए करीब 25 से 30 किलो बीज प्रति हेक्टेयर की दर से इस्तेमाल किया जा सकता है। गोभी वर्ग की सब्जियों की पौध तैयार करने के लिए नर्सरी भी तैयार करें।
टमाटर की फसल में बकआई रॉट और झुलसा रोग पर नजर रखें। टमाटर के फलों को मिट्टी के सीधे संपर्क से बचाने की सलाह दी गई है।
कद्दूवर्गीय सब्जियों में बेलों को सहारा दें। फल मक्खी से बचाव के लिए प्रति बीघा दो फेरोमोन ट्रैप लगाने की सलाह दी गई है।
अदरक की फसल में जलभराव से बचाएं
अदरक की फसल में पानी जमा न होने दें। खेतों और बागानों में जल निकासी की नालियों की नियमित सफाई करें। अदरक में गठी सड़न रोग पर नजर रखें और सूखी या पीली पत्तियों को हटा दें।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसान भी रखें ध्यान
खेतों में नमी बनाए रखने और खरपतवार रोकने के लिए सूखी पत्तियों का मल्च के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
साफ मौसम में प्राकृतिक खेती करने वाले किसान कीट नियंत्रण के लिए अग्नि अस्त्र, ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र (3 प्रतिशत) और जीवामृत (10 प्रतिशत) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पशुओं का समय पर करवाएं टीकाकरण
मानसून के दौरान पशुओं में खुरपका-मुंहपका (FMD) और ब्लैक क्वार्टर (B.Q.) जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाएं।
‘मेघदूत’ ऐप से पाएं मौसम की जानकारी
विशेषज्ञों ने किसानों और बागवानों से अपील की है कि वे मौसम के अनुसार खेती से जुड़ी जानकारी पाने के लिए अपने स्मार्टफोन में ‘मेघदूत’ ऐप डाउनलोड करें। इस ऐप के माध्यम से स्थानीय भाषा में मौसम आधारित कृषि सलाह प्राप्त की जा सकती है।
किसानों और बागवानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखते हुए कृषि और बागवानी के काम करें।











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