सोलन। शहर में लगातार बनी रहने वाली पेयजल किल्लत से लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम सोलन ने शहर के सभी 17 वार्डों में अलग-अलग पेयजल भंडारण टैंक बनाने की योजना तैयार की है। इस योजना को अंतिम रूप देकर आगामी नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद वार्ड स्तर पर टैंकों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वर्तमान में सोलन शहर में प्रतिदिन करीब 90 लाख से एक करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता होती है। इसके मुकाबले इन दिनों मुख्य जल भंडारण टैंक में रोजाना लगभग 70 से 80 लाख लीटर पानी ही पहुंच रहा है। पानी की उपलब्धता और मांग के बीच इस अंतर के कारण शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में आए दिन पेयजल संकट की स्थिति बनती है।
नगर निगम की नई योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में बनने वाले भंडारण टैंकों को शहर के मुख्य जल भंडारण टैंक से पाइपलाइन के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इससे वार्ड स्तर पर पानी का अतिरिक्त भंडारण किया जा सकेगा और जरूरत के समय संबंधित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बूस्टर पंप पर निर्भर इलाकों को भी मिलेगी राहत
योजना के तहत केवल भंडारण क्षमता बढ़ाने पर ही जोर नहीं दिया गया है, बल्कि उन क्षेत्रों तक भी पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने का लक्ष्य है, जहां ऊंचाई या पर्याप्त बूस्टर पंप की सुविधा नहीं होने के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित होती रही है।
वार्ड स्तर पर टैंक बनने से पानी को स्थानीय स्तर पर स्टोर किया जा सकेगा। इससे सप्लाई के दौरान पानी के दबाव को बेहतर बनाए रखने और जरूरत के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में पानी वितरित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पार्षदों को जमीन चिह्नित करने के निर्देश
नगर निगम ने योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी 17 वार्डों के पार्षदों को अपने-अपने क्षेत्रों में टैंक निर्माण के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। भूमि उपलब्ध होने के बाद संबंधित स्थानों की जांच कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी और इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नगर निगम सोलन की महापौर सुषमा शर्मा ने कहा कि सभी 17 वार्डों के पार्षदों को अपने क्षेत्रों में टैंक निर्माण के लिए उपयुक्त सरकारी जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। जमीन चिह्नित होते ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए यह मास्टर प्लान तैयार किया गया है। नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
नगर निगम को उम्मीद है कि वार्ड स्तर पर भंडारण व्यवस्था विकसित होने के बाद पानी की कमी के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी और लोगों को बार-बार होने वाली पेयजल किल्लत से काफी हद तक राहत मिल सकेगी।











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