सोलन-सिरमौर शून्य डिग्री पारे और घने कोहरे की चपेट में, बागवानों और किसानों के लिए एडवाइजरी जारी

On: January 6, 2026 5:20 PM
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सोलन, 06 जनवरी 2026: हिमाचल प्रदेश के निचले और मध्यवर्ती क्षेत्रों में हाड़ कंपाने वाली ठंड के साथ-साथ अब ‘सफेद अंधेरे’ यानी घने कोहरे का संकट गहराने वाला है। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी (ग्रामीण कृषि मौसम सेवा) ने ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए सोलन, सिरमौर और आसपास के जिलों के लिए कड़ा परामर्श जारी किया है।

5 दिन का मौसम: सूखे के साथ बढ़ेगी ठिठुरन

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 11 जनवरी तक समूचे क्षेत्र में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा. हालांकि आसमान साफ रहेगा, लेकिन शीतलहर और कोहरा जनजीवन को प्रभावित करेगा:

  • तापमान का टॉर्चर: अधिकतम तापमान 20-21 डिग्री रहेगा, लेकिन न्यूनतम तापमान 0.0 से 2.0 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है, जिससे रातें और सुबह जमा देने वाली होंगी.
  • कोहरे की मार: सोलन और सिरमौर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में अगले 5 दिनों तक घना कोहरा (Dense Fog) छाए रहने की चेतावनी दी गई है. बिलासपुर में भी छिटपुट कोहरा परेशानी बढ़ाएगा.
  • हवा की रफ्तार: उत्तर-पूर्व दिशा से 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं ठंड के अहसास को और तीखा करेंगी.

खेती और बागवानी: क्या करें और क्या न करें?

घने कोहरे के कारण फसलों की भोजन बनाने की प्रक्रिया (Photosynthesis) प्रभावित हो सकती है. इसके लिए वैज्ञानिकों ने विशेष निर्देश जारी किए हैं:

  1. सिंचाई और काम: कोहरे के समय खेतों में सिंचाई न करें। जब दृश्यता (Visibility) पूरी तरह सामान्य हो जाए, तभी खेतों में काम शुरू करें.
  2. पाले से बचाव: फसलों को पाले (Frost) से बचाने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करना बेहद जरूरी है.
  3. नर्सरी की सुरक्षा: फलों के छोटे पौधों को ठंड से बचाने के लिए पॉलीशीट या सरकंडा घास से कवर (मल्चिंग) करें.

प्रमुख फसलों के लिए विशेष ‘एडवाइजरी’

  • सेब के बागवान: प्रूनिंग या कटिंग के बाद फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए कटे हुए हिस्सों पर बोर्डो पेस्ट (3 ग्राम/लीटर) तुरंत लगाएं. तौलिए बनाकर घास की मल्चिंग करें ताकि नमी बनी रहे.
  • मटर और लहसुन: मटर की फसल में सहारा (Staking) दें और पाउडर जैसी फफूंद (Powdery Mildew) की निगरानी करें. लहसुन की फसल में कोहरे के कारण लगने वाली बीमारियों से बचाव के लिए गुड़ाई करें.
  • सब्जियां: फूलगोभी और पत्तागोभी में चेपा (Aphid) की निगरानी करें और नीम आधारित फॉर्मूलेशन (2 मिली/लीटर) का छिड़काव करें.

पशुधन और मधुमक्खी पालन की सुरक्षा

  • पशुपालन: ठंड से बचाने के लिए पशुशाला को चारों तरफ से ढंक दें. छोटे पशुओं को रात में बोरी (Gunny Bags) से ढंकें और दिन में धूप दिखाएं.
  • दूध निकालने के टिप्स: ठंडी हवाओं से पशुओं के थन न फटें, इसके लिए गुनगुने पानी से सफाई करें और घी या मक्खन लगाएं.
  • मधुमक्खियां: मधुमक्खी पालकों को सलाह दी गई है कि वे कॉलोनियों को ब्लोटिंग शीट से पैक करें ताकि अंदर का तापमान बना रहे.

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

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