शिमला (अक्षय) 07 जून, 2026। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन, संस्कृति और स्टार्ट-अप क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश स्टार्ट-अप नीति को मंजूरी प्रदान की। इस नीति का उद्देश्य राज्य को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाना है। सरकार ने इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे युवाओं को स्वरोजगार और नए उद्यम स्थापित करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कांगड़ा जिला के पटोला में 132/33 केवी सब-स्टेशन तथा कंगैहण में 220 केवी स्विचिंग सब-स्टेशन के निर्माण हेतु हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 40 वर्षों की लीज प्रदान करने को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत मंडी जिला के नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 150 बिस्तरों की जाएगी। इसके लिए आवश्यक चिकित्सकीय एवं अन्य पदों के सृजन और भरने को भी मंजूरी प्रदान की गई।
इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के नागरिक अस्पताल को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। वहीं सोलन जिला के मानपुरा में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा तथा इसके संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।
हमीरपुर जिला के मझेली क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य उप-केंद्र स्थापित करने को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक बेहतर होगी।
सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोलन जिला के प्रसिद्ध राज्य स्तरीय शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्रदान किया गया है। इसके साथ ही चंबा जिला के छतराड़ी स्थित मां शिव शक्ति जातर मेला तथा कांगड़ा जिला के इंदौरा स्थित शिवरात्रि मेला काठगढ़ को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा दिया गया है।
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के नेरटी रैत मेले, सोलन जिला की अर्की तहसील के बाड़ीधार मेला सरयांज, चंबा जिला के छिंज मेला गरनोटा तथा मंडी जिला की करसोग तहसील के नाहवीधार मेले को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने को भी मंजूरी प्रदान की।
खेल और शिक्षा क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए शिमला जिला के जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को उन्नत कर ठाकुर रामलाल राजकीय बालिका खेल विद्यालय बनाया जाएगा। विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 23 नए पद सृजित कर भरे जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री सहारा योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी प्रदान की।
बैठक के दौरान शिक्षा सचिव ने मंत्रिमंडल के समक्ष सीबीएसई विद्यालयों से संबंधित एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी, जिसमें विद्यालयों की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।
प्रदेश सरकार के इन फैसलों को स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, खेल और सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिनका लाभ आने वाले समय में प्रदेश के लाखों लोगों को मिलेगा।
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