सोलन: बैरटी में भारत-जापान नॉलेज सेंटर का शुभारम्भ, 150 युवा किसान जाएंगे जापान; हाई-टेक पॉलीहाउस भी हुआ लॉन्च

On: June 10, 2026 12:37 PM
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भारत-जापान ज्ञान केंद्र का शुभारम्भ
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जायका-इंडिया प्रमुख ताकेउची ताकुरो ने किया उद्घाटन, 300 से अधिक किसानों ने किसान क्लस्टर मेले में लिया भाग

सोलन (अक्षय) 10 जून, 2026। हिमाचल प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सोलन के बैरटी स्थित सब्जी विकास केंद्र में भारत-जापान ज्ञान केंद्र (इंडिया-जापान नॉलेज सेंटर) एवं मॉडल कृषि फार्म का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जायका-इंडिया (JICA India) के प्रमुख ताकेउची ताकुरो ने किया। इस अवसर पर किसान क्लस्टर मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें 300 से अधिक किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान परियोजना के अंतर्गत निर्मित तीन सिंचाई उप-परियोजनाओं की अवसंरचनाओं को संबंधित कृषक विकास संघों को औपचारिक रूप से हस्तांतरित किया गया। जायका-इंडिया का प्रतिनिधिमंडल हिमाचल प्रदेश फल विविधिकरण परियोजना के तहत सोलन, पालमपुर और धर्मशाला में संचालित नवाचारी गतिविधियों के अध्ययन के लिए तीन दिवसीय दौरे पर है।

जायका-इंडिया प्रमुख ताकेउची ताकुरो ने कृषि क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग को और मजबूत बनाने पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, जलवायु-अनुकूल खेती और किसानों की आय बढ़ाने में ऐसी परियोजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने बताया कि हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना-2 के तहत एक अभिनव कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रदेश के युवा किसानों को जापान में रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जाएंगे। चयनित युवाओं को जापानी भाषा, संस्कृति और कार्य प्रणाली का प्रशिक्षण देने के बाद जापान भेजा जाएगा। प्रथम चरण में 150 युवाओं को प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव है।

कार्यक्रम में हिमाचल स्मार्ट फार्मिंग परियोजना के तहत स्थापित अत्याधुनिक हाई-टेक पॉलीहाउस खेती प्रणाली का भी लोकार्पण किया गया। जापानी तकनीक और भारतीय नवाचार के समन्वय से विकसित यह पॉलीहाउस किसानों को संरक्षित खेती और उच्च गुणवत्ता वाली फसल उत्पादन की विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

इस दौरान भारत में माचा (Matcha) उद्योग विकसित करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रस्तावित पहल के तहत कांगड़ा सहित चाय उत्पादक क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली ग्रीन टी एवं माचा के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

किसान क्लस्टर मेले में सोलन, सिरमौर और शिमला जिलों के किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धित उत्पादों और सफल कृषि मॉडलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों, एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में उप परियोजना निदेशक डॉ. राजेश कुमार, एसपीएमयू के विशेषज्ञ डॉ. आशीष आनंद, डॉ. राकेश शर्मा, कृषि विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। जायका मिशन दल में वरिष्ठ प्रतिनिधि सोता कोइडे, प्रतिनिधि ताइको इवामोटो और विकास विशेषज्ञ निष्ठा वेंगुरलेकर भी शामिल रहे।


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