हिमालयन डॉन संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले सस्ते राशन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी डिपो संचालकों को निर्देश जारी किए हैं कि राशन कार्ड उपभोक्ताओं के स्थायी पते का रिकॉर्ड पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों में सही तरीके से अपडेट किया जाए। इस कदम से उन हजारों परिवारों को राहत मिलेगी जो वर्तमान में एक क्षेत्र में रह रहे हैं, लेकिन उनका राशन कार्ड किसी दूसरे डिपो से जुड़ा हुआ है।
विभाग के अनुसार, प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से अपना निवास स्थान बदल लिया है, लेकिन उनका राशन कार्ड अभी भी पुराने डिपो में दर्ज है। इससे राशन वितरण और रिकॉर्ड प्रबंधन में कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। अब स्थायी पते के आधार पर उपभोक्ताओं का डेटा अपडेट किया जाएगा ताकि राशन वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 19.5 लाख राशन कार्ड धारक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ते राशन का लाभ ले रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश को गेहूं और चावल उपलब्ध कराए जाते हैं। गेहूं की पिसाई करवाकर विभाग उपभोक्ताओं को आटा उपलब्ध कराता है, जबकि चावल सीधे वितरित किए जाते हैं। इसके अलावा दालें, खाद्य तेल और नमक जैसी आवश्यक वस्तुएं भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
विभाग ने सभी उचित मूल्य की दुकानों (डिपो) के संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे पीओएस मशीन में दर्ज उपभोक्ता विवरण का सत्यापन करें और स्थायी पते से संबंधित जानकारी को समय रहते अपडेट करें। इससे भविष्य में राशन वितरण प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित हो सकेगी तथा उपभोक्ताओं को अपने निवास क्षेत्र के अनुसार सुविधाएं मिल सकेंगी।
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