चक्कर आने की समस्या को हल्के में न लें, ये इस खतरनाक बीमारी की हो सकती है शुरुआत

On: December 25, 2025 11:13 PM
हमें फॉलो करें:
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

Telegram Group

Join Now

कभी न कभी चक्कर आ जाना एक सामान्य बात है, ये कमजोरी या बीपी के नीचे- ऊपर होने से भी हो सकता है, लेकिन अगर अकसर चक्कर आते हैं तो ये वर्टिगो की बीमारी हो सकती है.

हालांकि लोग इसको नजरअंदाज कर देते हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि वर्टिगो की बीमारी एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है. उम्र बढ़ने के साथ इसका जोखिम और बढ़ जाता है. 60 साल से ऊपर के व्यक्ति में यह खतरनाक भी हो सकता है.

कैसे पहचानें की सामान्य सिरदर्द है या वर्टिगो है?

सामान्य सिरदर्द में सिर में दबाव, भारीपन या दर्द महूसस होता है, लेकिन वर्टिगो में ऐसा लगता है कि सिर और पूरा शरीर ही घूम रहा है.सिर का दर्द माथे, कनपटी या सिर के पीछे महसूस होता है, लेकिन वर्टिगो में चक्कर बढ़ता रहता है औकर चलने से शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है.

वर्टिगों में चक्कर के साथ मतली, उल्टी या पसीना आता है और कान में भी दर्द महसूस होता है.

Akshay Chauhan

अक्षय चौहान पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे साप्ताहिक हिमालयन डॉन के संपादकीय एवं प्रबंधन कार्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। समाचार संकलन, संपादन, डिजिटल मीडिया, कंटेंट प्रबंधन तथा समाचार पत्र के संचालन में उनका व्यापक अनुभव रहा है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

यह भी पढ़ें

क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में नए पर्ची काउंटर खोलने का प्रस्ताव

क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में बढ़ेंगे पर्ची काउंटर, सरकार को भेजा चार नए काउंटरों का प्रस्ताव

राजगढ़ अस्पताल में क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स लैब के बाहर मरीजों की लंबी कतार

राजगढ़ अस्पताल में मरीज परेशान, क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स लैब के बाहर लंबी कतारें

विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में माताओं को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और चिकित्सक।

विश्व स्तनपान सप्ताह: क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, नवजात को पहले छह माह केवल मां का दूध पिलाने का संदेश

Himachal ambulance strike 108 102 services halt health emergency patients problem Himachal Pradesh

हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाएं ठप: 108-102 एंबुलेंस कर्मियों की 7 दिन की हड़ताल, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

हिमाचल में मातृ शिशु संकल्प योजना हुई शुरू।

इंदिरा गांधी मातृ-शिशु संकल्प योजना: हिमाचल में कुपोषण के खिलाफ ‘सुक्खू सरकार’ का ₹207 करोड़ का मास्टरप्लान

Himachal Pradesh Health Professional Portal ABHA ID Nursing Registration

हिमाचल में स्वास्थ्य क्रांति: आभा आईडी से खुलेगी नर्सों की भी कुंडली, अस्पतालों में शुरू हुआ नर्सिंग स्टाफ का डिजिटल पंजीकरण